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बड़ी चूक: बिना नागरिकता के अफगानी महिला को पासपोर्ट जारी, सवाल- खुफिया विभाग की नजरों से कैसे बची

Tue, 08 Jun 2021 11:38 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अफगानी महिला को पासपोर्ट जारी - फोटो : सोशल मीडिया
अफगानी महिला को पासपोर्ट जारी करने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को श्रीनगर शहर के पासपोर्ट दफ्तर में छापा मारा था। इस दौरान अधिकारियों से पूछताछ करने के साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए। यह देश की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चूक मानी जा रही है। पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन भी हुआ, लेकिन मामला पकड़ में नहीं आया। 

सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर के छानापोरा इलाके में रह रही एक अफगानी महिला लतीफा नजीर को श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट दफ्तर से पिछले साल पासपोर्ट जारी हुआ। जबकि उसके पास भारतीय नागरिकता नहीं है। श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी बृजभूषण नागर के अनुसार महिला की शादी श्रीनगर के एक कारोबारी नजीर अहमद के साथ 1986 में हुई थी। दोनों के तीन बच्चे भी हैं। महिला को पहला पासपोर्ट 2003 में जारी किया गया था। उसके पास स्टेट सब्जेक्ट सर्टिफिकेट और अन्य प्रमाण भी थे। महिला का पति नजीर अहमद बेकरी चलाता है।

 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
लतीफा ने पासपोर्ट के लिए पुलिस और सीआईडी की वेरिफिकेशन में इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह विदेशी मूल की है और अब तक उसे भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। वेरिफिकेशन आने के कुछ दिनों बाद महिला को पासपोर्ट जारी किया गया, जिसकी वैधता 20 मार्च 2020 से 11 मार्च 2030 तक है।
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सांकेतिक तस्वीर
एक अधिकारी ने बताया कि अब स्टेट सब्जेक्ट सर्टिफिकेट और दोहरी नागरिकता खत्म हो चुकी है। इसीलिए इस मामले में सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले में न ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और न ही एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है।

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पासपोर्ट कार्यालय श्रीनगर - फोटो : अमर उजाला
खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर में पासपोर्ट के लिए स्टेट सब्जेक्ट सर्टिफिकेट को आधार माना जाता था। कोई भी विदेशी महिला इस प्रमाण पत्र को शादी का सबूत दिखाकर हासिल कर सकती थी।
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श्रीनगर - फोटो : अमर उजाला
पासपोर्ट जारी होने के लिए महिला को और कोई भी नागरिकता प्रमाण देने की जरूरत नहीं पड़ती थी। देश में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने के लिए नियम बिल्कुल अलग हैं। पुलिस वेरिफिकेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन अलग अलग ग्रुप करते हैं। इसमें स्थानीय थाने की पुलिस, सीआईडी और तीसरा वेरिफिकेशन खुफिया विभाग की स्पेशल ब्रांच करती है।

महिला अपने पासपोर्ट पर कई बार बच्चों के साथ विदेश यात्रा भी कर चुकी है। महिला के 2003 में भारतीय नागरिकता के लिए किए गए आवेदन पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए महिला के विदेशी होने की बात जम्मू-कश्मीर पुलिस के खुफिया विभाग की नजरों से कैसे बची यह बड़ा सवाल है। 
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