एडवोकेट रजनीश ओसवाल जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जजों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। गुरुवार को उन्होंने शपथ ली। हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने उन्हें शपथ दिलाई। ओसवाल हाईकोर्ट के पहले ऐसे जज हैं, जिन्होंने भारतीय संविधान के तहत शपथ ली है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर का अपना संविधान था।
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पुनर्गठन होने पर अब हाईकोर्ट की कार्यवाही भारतीय संविधान के तहत चलती है। इससे पहले रहे जजों ने राज्य के संविधान के तहत शपथ ली थी। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के चलते शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन ऑनलाइन किया गया।
इससे पहले हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार संजय धर ने राष्ट्रपति के वारंट को पढ़कर सुनाया। उपराज्यपाल द्वारा प्रमाणित पत्र को भी पढ़ा गया। शपथ समारोह में डीजीपी दिलबाग सिंह, एडवोकेट जनरल समेत कुछ अन्य जज मौजूद रहे।
जस्टिस ओसवाल के आने से अब जजों की संख्या 9 हो गई है। हालांकि अभी भी 8 जजों की कमी है। हाईकोर्ट में जजों के कुल 17 पद मंजूर हैं। वर्ष 1973 में जन्मे ओसवाल जम्मू यूनिवर्सिटी में एलएलबी के गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं।