-सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू ने जारी किया आदेश
कहा-विधायक के क्षेत्र में होने वाले समारोहों और बैठकों में उनको जरूर आमंत्रित करें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अफसरों को माननीयों का सम्मान और काम प्राथमिकता से करना होगा। अफसरों को कहा गया है कि वे विधायकों के उठाए मसलों को प्राथमिकता पर सुनें और उसका समाधान निकालें। यही नहीं, विधायक के क्षेत्र में आयोजित होने वाले सरकारी समारोहों और बैठकों में उनको आमंत्रित किया जाए। ये आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू ने सरकारी कर्मियों व अधिकारियों को जारी किए हैं।
आदेश में बताया गया है कि जन प्रतिनिधियों के लिए सरकारी मानदंडों और दिशानिर्देशों के अनुसार उचित प्रोटोकॉल बनाए रखा जाए। इस बात पर जोर दिया गया है कि विधायकों के काम को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए, क्योंकि उनके ज्यादातर काम जनता से जुड़े होते हैं। सभी सरकारी विभाग, अधिकारी व कर्मचारी विधायकों के साथ बेहतर तालमेल बनाएं। निर्वाचित प्रतिनिधियों की कॉल रिसीव करें। उनके अनुरोध व शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करें।
3 मार्च को विधानसभा में बजट सत्र शुरू होगा। इसमें सत्तापक्ष के साथ विपक्षी भाजपा के विधायक आमने-सामने होंगे। उधर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बेहतर बजट के लिए विधायकों व डीडीसी अध्यक्षों के साथ संवाद कर रहे हैं। भाजपा ने भी बीते दिन विधायक दल की बैठक में बजट में आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने पर जोर दिया है।
जनप्रतिनिधियोें को नहीं सुने जाने का भाजपा
विधायक लगातार कर रहे थे विरोध
शासन में जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुने जाने को लेकर भाजपा विधायक लगातार विरोध कर रहे थे। इस मुद्दे को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष भी उठाया गया था। कहा गया कि शासन में अधिकारियों का रवैया अड़ियल है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भी कहना था कि जम्मू-कश्मीर में सरकार न रहने के कारण शासन व आम लोगों में दूरियां बढ़ गई हैं। सरकारी कार्यालयों में आम लोगों की पहले सुनवाई नहीं हो रही थी।