सुरक्षा को लेकर नए सिरे से रणनीति बनाने पर काम करेगी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
आगामी चुनाव और पर्यटन के पीक सीजन को लेकर सोमवार उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव अटल डुल्लु ने कहा कि पिछले कुछ समय से कश्मीर में बदलाव देखा गया है। शांति सौहार्द बनाया गया है। जिसके परिणामस्वरूप पर्यटकों की भारी भीड़ कश्मीर में उमड़ी। चुनाव में बड़े स्तर पर लोगाें ने हिस्सा लिया। लेकिन कुछ ताकतें इस शांति को भंग करने का प्रयास कर रही हैं। लिहाजा ऐसे ठोस कदम उठाने की जरूरत है, जिससे शांति के बनाए गए माहौल को बनाए रखना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 4-5 वर्षों से प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल बना है। जिसे पटरी से उतारने के लिए प्रयास करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को सतर्क रहना होगा। ताकि पर्यटकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों की पूर्ण सुरक्षा के लिए ठोस समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में मौजूद डीजीपी आर आर स्वैन ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां यहां नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑन-फील्ड और ऑफ-फील्ड दोनों उपाय कर रही हैं।चल रहे चुनावों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने कुछ तत्वों को परेशान कर दिया है। जिससे वह लोग बौखलाहट में हैं। बावजूद इसके इनके मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। डीजी ने कहा कि हमारे नागरिकों के रोजमर्रा के कामकाज और दिनचर्या में कम से कम गड़बड़ी सुनिश्चित करने के लिए कुछ रोगनिरोधी उपाय शुरू करने की जरूरत है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को जड़ से खत्म करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गृह विभाग के प्रमुख सचिव चंद्राकर भारती ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में सभी कमजोर वर्गों, विशेषकर प्रवासी मजदूरों, अल्पसंख्यकों और पर्यटक हितधारकों को जागरूक करने का आह्वान किया।
संभागीय आयुक्तों और एडीजीपी जम्मू और आईजीपी कश्मीर सहित अन्य प्रतिभागियों ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं सहित कमजोर वर्गों के जीवन की सुरक्षा के लिए अपने सुझाव दिए। बताया गया कि सुरक्षा प्रतिष्ठान आतंकी तत्वों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियां स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण में हैं और भविष्य में किसी भी आतंकी हमले को रोकने के लिए उचित रणनीति बनाई जाएगी।