गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स के उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए तीन साल की मॉनिटरिंग योजना पर काम कर रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को बताया कि सरकार ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना और पासपोर्ट निरस्त करने की सिफारिश जैसे उपाय शामिल हैं।
एलजी ने कहा कि प्रदेश में ड्रग तस्करी का सीधा संबंध आतंकवाद और कट्टरपंथ से है। उन्होंने बताया कि कई तस्करों से मिलने वाला पैसा आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत रविवार को होने वाली पदयात्रा से पहले एलजी ने कहा कि राज्य में नए पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे और मौजूदा केंद्रों की सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं पर्याप्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नशा छोड़ चुके लोगों पर तीन साल तक नजर रखी जाएगी ताकि उनका सही तरीके से पुनर्वास हो सके। साथ ही, ड्रग तस्करों के बैंक खाते फ्रीज करने, संपत्ति जब्त करने और कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एलजी ने समाज और धार्मिक नेताओं से इस अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सामूहिक प्रयास से ही सफल हो सकती है। उन्होंने बताया कि 100 दिन के अभियान के तहत अब तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।