जम्मू संभाग के रहने वाले कश्मीर में कार्यरत आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने मंगलवार को फिर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सोमवार देर रात आतंकियों ने अब यूपी के रहने वाले मेहनतकश श्रमिकों को निशाना बनाया है। शनिवार को कश्मीरी पंडित पूरण भट्ट को उनके घर के करीब ही गोली मार दी गई। आखिर यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा। इन हालातों में घाटी में वे कैसे नौकरी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जून महीने से ही वे कश्मीर से बाहर तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बार-बार हो रही लक्षित हत्याएं से डर का माहौल बना है। कोई भी व्यक्ति अपनी जान दांव पर लगा कर तो नौकरी नहीं करना चाहेगा। ऐसे में जल्द से जल्द उनके लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।