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Kashmir: शोपियां में गैर-कश्मीरी श्रमिकों की हत्या पर प्रदर्शन, ADGP बोले- हाइब्रिड आतंकी-उसका मददगार गिरफ्तार

Tue, 18 Oct 2022 12:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि शोपियां मामले में एक हाइब्रिड आतंकी को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि वारदात को उसने ही अंजाम दिया। उसके द्वारा बताई गई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
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कश्मीर ADGP विजय कुमार (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां में सोमवार रात आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट किलिंग को अंजाम दिया है। आतंकियों ने ग्रेनेड हमला कर दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या कर दी। इस हमले में पुलिस ने एक हाइब्रिड आतंकी और उसके मददगार को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। टारगेट किलिंग के खिलाफ जम्मू में लोग प्रदर्शन के लिए उतरे हैं।

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एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि शोपियां में ग्रेनेड हमले में दो उत्तर प्रदेश के निवासी मारे गए। मामले में एक हाइब्रिड आतंकी को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि वारदात को उसने ही अंजाम दिया। हाइब्रिड आतंकी ने भी अपराध कबूल कर लिया है। आतंकी से पूछताछ की जा रही है। उसके द्वारा बताई गई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा, 'हाइब्रिड आतंकी ने जिस मुख्य आतंकी दानिश या आबिद के कहने पर यह हमला किया, जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। उसके साथ चलने वाले एक और मददगार को पकड़ा गया है। अभी तक दो गिरफ्तारियां हुई हैं।लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले को अंजाम दिया है, लेकिन अल बदर ने इसका दावा किया, जो कि झूठा है। आतंकी सॉफ्ट टारगेट के तौर पर निर्दोष आम नागरिक को निशाना बनाया हैं। जल्द ही आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मामले में जांच जारी है।'

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जम्मू में प्रदर्शन - फोटो : निखिल मेहता
जम्मू संभाग के रहने वाले कश्मीर में कार्यरत आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों ने मंगलवार को फिर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सोमवार देर रात आतंकियों ने अब यूपी के रहने वाले मेहनतकश श्रमिकों को निशाना बनाया है। शनिवार को कश्मीरी पंडित पूरण भट्ट को उनके घर के करीब ही गोली मार दी गई। आखिर यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा। इन हालातों में घाटी में वे कैसे नौकरी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जून महीने से ही वे कश्मीर से बाहर तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बार-बार हो रही लक्षित हत्याएं से डर का माहौल बना है। कोई भी व्यक्ति अपनी जान दांव पर लगा कर तो नौकरी नहीं करना चाहेगा। ऐसे में जल्द से जल्द उनके लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।
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