- पुरमंडल क्षेत्र में फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित करने की मांग
- हर साल जंगलों में आग से हो रहा भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। पहाड़ी क्षेत्र पुरमंडल में आग से निपटने के इंतजाम कमजोर हैं। फायर स्टेशन की स्थायी व्यवस्था नहीं है। अग्निकांड की स्थिति में अग्निशमन दल की गाड़ियां 20 किलोमीटर बाड़ी ब्राह्मणा या 25 किमी दूर गंग्याल से बुलानी पड़ती हैं। घटनास्थल तक फायर ब्रिगेड पहुंचते-पहुंचते आग विकराल रूप धारण कर लेती है। इससे न केवल जंगलों को नुकसान हो रहा है बल्कि फसलें भी राख हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल गर्मी के माैसम में चिड़क, मंडल, सगुण, देयोन और गुड़गानी सहित कई क्षेत्रों में अग्निकांड हो चुके हैं। ग्रामीण हेम राज, सागर सिंह, मग्गर सिंह, आशुतोष, जोगिंदर शर्मा और गोविंद राम ने बताया कि यदि पुरमंडल क्षेत्र में फायर स्टेशन स्थापित किया जाए तो ऐसी घटनाओं पर समय पर काबू पाया जा सकता है। लोगों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में संभावित घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए।
हर माह मेले में पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
धार्मिक स्थल पुरमंडल और उत्तरवाहिनी में हर माह लगने वाले मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। आसपास के पहाड़ी इलाकों में वन विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर जंगल विकसित किए हैं। ये जंगल न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं बल्कि स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं। अग्निकांड से लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण को खतरा बना रहता है।
फिलहाल फसल कटान का समाप्त हो चुका है। अगले सीजन में लोगों की मांग और क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जरूरत महसूस होने पर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।
- हिमांशु गनोत्रा, उप निदेशक, दमकल विभाग, जम्मू