सूत्रों ने बताया कि रोहिंग्याओं के वेरिफिकेशन का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। जितने भी डिटेंशन (होल्डिंग) सेंटर की जरूरत पड़ेगी उतना बनाया जाएगा। यहां रहने वाले रोहिंग्या अवैध है। इनके पास यूएनएचआरसी का वैध प्रमाणपत्र नहीं है। सभी के खिलाफ पासपोर्ट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि रोहिंग्याओं ने यूएनएचआरसी के पास आवेदन जमा कर रखा है और उसकी रिसीविंग के आधार पर यहां रह रहे हैं।