जम्मू। सांबा जिले के विजयपुर के रहने वाले हरभजन सिंह पर पीएसए लगाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने गृह सचिव और सांबा के डीसी से जवाब तलब किया है। दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। हरभजन ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। एडवोकेट एमके साहनी के जरिए इस याचिका को जस्टिस पुनीत गुप्ता ने वीरवार को सुनवाई के लिए मंजूर किया।
एडवोकेट एमके साहनी ने कोर्ट को बताया कि अपीलकर्ता पर झूठे आरोप लगाकर पीएसए लगाया गया है। पुलिस और कुछ स्थानीय नेताओं के दबाव में आकर यह पीएसए लगाया गया है। इस केस में पीएसए लगाना पूरी तरह से अवैध और मनमानी है। अपीलकर्ता की उम्र 60 साल है और वह क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक हैं। उन्होंने कभी किसी सार्वजनिक आदेश की अवमानना नहीं की है। एडवोकेट साहनी की दलीलें सुनने के बाद जज ने एसएसपी सांबा, डीसी सांबा और गृह सचिव समेत अन्य को नोटिस जारी कर इसका जवाब मांगा है। जेएनएफ
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत
को हाईकोर्ट ने किया खारिज
-सांबा की जिला कोर्ट से मिली थी जमानत, हाईकोर्ट ने कहा-आरोपी को फौरन पकड़ें
जम्मू। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद आरोपी की जमानत को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को जमान दी थी। मो. जावेद पर दुष्कर्म और पॉक्सो का केस दर्ज है, जिसे सांबा जिला कोर्ट की ओर से 30 मार्च, 2020 को जमानत दी गई थी।
पीड़ित के पिता ने इस जमानत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। वीरवार को जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने सुनवाई की। एडवोकेट जगपाल सिंह की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस वानी ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। साथ ही आरोपी को पकड़ने और उसके सहयोगी जाहिद चौधरी को फौरन पकड़ने के भी निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच जल्द पूरी की जाए। जस्टिस वानी ने महसूस किया कि अपराध की प्रकृति, पीड़ित के बयान और अपराध की संगीनता को देखते हुए पीड़ित को आरोपियों से खतरा है। जेएनएफ