former minister babu singh case: एसआईए का कहना है कि बाबू सिंह, मोहम्मद शरीफ और नायकू देश के खिलाफ काम कर रहे थे। इसके लिए यह लोग पैसा जुटाते रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ जब टेरर फंडिंग मामले में किसी आरोपी को विदेश से निर्वासित कर लाया गया है।
टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री बाबू सिंह के मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने दिल्ली एयरपोर्ट पर बारामुला के रहने वाले व्यक्ति को पकड़ा है। पुलिस ने बाबू सिंह के साथ काम करने वाले मोहम्मद शरीफ को भी वेयर हाउस जम्मू में 6 लाख रुपये के साथ पकड़ा था।
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फारूक अहमद नायकू भी बाबू सिंह के साथ काम करता था। एसआईए ने इसकी पहचान कर यूएई सरकार से बात की। जिसके बाद नायकू को यूएई ने दिल्ली लाया गया। यहां दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही एसआईए ने नायकू को गिरफ्तार कर लिया। नायकू बारामुला के मोहल्ला ख्वाजा साहिब का रहने वाला है।
एसआईए का कहना है कि बाबू सिंह, मोहम्मद शरीफ और नायकू देश के खिलाफ काम कर रहे थे। इसके लिए यह लोग पैसा जुटाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ जब टेरर फंडिंग मामले में किसी आरोपी को विदेश से निर्वासित कर लाया गया है।
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एसआईए का कहना है कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी नायकू के बैंक खातों से कई बार आतंकियों के लिए वित्तीय मदद का लेन देन हुआ है। पूछताछ में मोहम्मद शरीफ ने बताया था कि उसके पास से पकड़े गए छह लाख रुपये उसने बाबू सिंह को देने थे।