इस समय चिनाब, तवी, झेलम, बसंतर सहित प्रदेश भर की नदियां-नाले उफान पर हैं। उधर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। ट्रकों की लंबी कतार लगी रही। पिछले चौबीस घंटों में सबसे अधिक बारिश 96.5 मिमी उधमपुर दर्ज की गई। दूसरे स्थान पर बटोत रहा। यहां 84.2 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। दोपहर के बाद बारिश रुकी और कुछ ही समय बाद धूप निकल आई।
झेलम का जलस्तर खतरे के निशान के पास
झेलम नदी का जलस्तर शुक्रवार की सुबह संगम और पांपोर जैसे मुख्य गेज स्टेशनों पर कम होता रहा। हालांकि राम मुंशी बाग में नदी का जलस्तर अभी भी बाढ़ घोषित वाले निशान से ऊपर बना हुआ था। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ताजा गेज रीडिंग के मुताबिक राम मुंशी बाग में पानी का स्तर 19.07 फीट था और इसमें गिरावट आ रही थी। यह स्तर बाढ़ घोषित करने के निशान (18 फीट) से ऊपर था लेकिन खतरे के निशान (21 फीट) से नीचे था। अशम और वुलर में पानी के स्तर में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन वे बाढ़ घोषित करने वाले अपने-अपने स्तर से नीचे ही बने रहे।
60 किमी प्रतिघंटे की गति से चल सकती है हवामौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने बताया कि 28 से 30 जुलाई तक जम्मू संभाग में तीन दिन भारी बारिश की संभावना है। कश्मीर संभाग में यलो अलर्ट रहेगा। कई जगहों पर 60 किमी प्रतिघंटे की गति से हवा चल सकती है। 28 जुलाई तक प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने अचानक बाढ़, पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।