अभाविप ने एसएसी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरआरईटी शिक्षकों के समायोजन करने और मास्टर को लेक्चरर के तौर पर पदोन्नत करने तक कोई नई भर्ती नहीं करने के एसएसी के फैसले का विरोध किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) के निर्णय के विरोध में जम्मू विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अभाविप के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय सड़क को जाम कर नारेबाजी करते हुए रोष जताया। अभाविप ने आरआरईटी शिक्षकों के समायोजन करने और मास्टर को लेक्चरर के तौर पर पदोन्नत करने तक कोई नई भर्ती नहीं करने के एसएसी के फैसले का विरोध किया। उन्होंने शिक्षण अनुभव पात्रता को हटाने के साथ एससीईआरटी 2021 भर्ती अधिसूचना के पुन: विज्ञापन किए जाने की भी मांग की।
विज्ञापन
विद्यार्थी परिषद के राज्य सचिव मुकेश मन्हास ने कहा कि राज्य प्रशासनिक परिषद की तरफ से 2018 में एकमुश्त छूट के नाम पर सभी को पदोन्नत करने का फैसला लिया गया है, जिसके कारण करीब पंद्रह साल तक नई शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पाएगी। एसएसी के इस फैसले का वे तब से विरोध करते आ रहे हैं, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश की सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
इसके साथ ही उन्होंने एससीईआरटी 2021 भर्ती अधिसूचना के फिर से विज्ञापित करने की मांग की। मुकेश ने कहा कि अगर सरकार सिर्फ पहले से नौकरी पाए हुए लोगों को ही पदोन्नत करती रहेगी तो ऐसे में नए पढ़े-लिखे युवा को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका कैसे मिलेगा। उन्होंने सरकार से इन दोनों फैसलों को वापस लेने की मांग की।