राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधानसभा कई बार भारी हंगामे की साक्षी बनी। पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में बार-बार भिड़ंत की स्थिति पैदा हुई।
नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सदन का माहौल गरम हो गया। भाजपा सदस्यों ने अपनी सीट पर खड़े होकर आपत्ति दर्ज की।
नेकां के विधायक भी जोर-जोर से बोलते रहे। भारी शोरगुल के बीच स्पीकर कवीन्द्र गुप्ता सदस्यों से शांति की अपील करते रहे।
भोजनावकाश के दौरान भाजपा सदस्यों ने स्पीकर से मुलाकात कर नेकां विधायक की टिप्पणी पर गंभीर ऐतराज जताया। स्पीकर द्वारा आपत्तिजनक अंश को कार्यवाही से निकालने के आदेश के बाद भाजपा सदस्य शांत हुए।
राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेकां के विधायक आगा सईद राहुल्ला मेंहदी ने पीडीपी और भाजपा के बीच हुए गठबंधन को रियासत की अवाम के साथ धोखा बताया।
बाबरी मस्जिद का मसला भी उठा
मेहंदी ने कहा कि नेकां ने पीडीपी को बिना शर्त समर्थन का प्रस्ताव दिया था। नेकां मंत्री पद भी नहीं चाहती थी। लेकिन पीडीपी ने भाजपा के साथ हुए समझौते के आधार पर गठबंधन किया जो रियासत के लिए नुकसानदेह है। मेंहदी ने गुजरात की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी की। इस पर हंगामा खड़ा हो गया।
उन्होंने बाबरी मस्जिद का मसला भी उठाया। भाजपा विधायक रवींद्र रैना ने अपनी सीट पर खड़े होकर इस पर आपत्ति दर्ज की। बाद में भाजपा कोटे से मंत्री पवन गुप्ता, शक्ति परिहार, सत शर्मा समेत भाजपा के तमाम विधायकों ने विरोध किया। इस बीच नेकां के कई विधायक खड़े हो गए।
इससे भिड़ंत की स्थिति पैदा हुई। देर तक शोरगुल और हंगामा होता रहा। कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने मंत्री द्वारा विरोध पर आपत्ति दर्ज की। निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने भी भाजपा पर संप्रदायिक एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया। इस क्रम में सदन में शोरगुल होता रहा।
रिफ्यूजियों के मामले पर वाकआउट
नेकां के देवेंद्र सिंह राणा और सीपीएम विधायक एम वाई तारिगामी समेत कुछ विधायकों ने नई सरकार द्वारा एकेडमिक एरेंजमेंट के तहत भर्ती किए गए शिक्षकों को हटाए जाने के विरोध में वाकआउट किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। व्यवस्था के तहत काम चलाने के लिए जिन्हें रखा गया था अब उन्हें हटा दिया गया है।
अब कई स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं। पढ़ाई ठप हो गई है। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विधायक इंजीनियर रशीद ने कश्मीर समस्या के समाधान के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि समाधान किस आधार पर होगा। रशीद देर तक अपनी सीट से खड़े होकर जोर-जोर से बोलते रहे।
वेस्ट पाकिस्तानियों को नागरिकता का भी विरोध हुआ। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा कथित रूप से खुद की तुलना भगवान शिव से करने पर भी आपत्ति जताई। बाद में उन्होंने वाकआउट किया।
नेकां विधायक नजीर गुरेजी, शेख अश्फाक जब्बार और विकार रसूल ने बर्फवारी के बाद सड़कों पर फंसे लोगों और कश्मीर के छात्रों को पीएम स्कालरशिप मिलने में दिक्कत का मसले पर हंगामा किया। बाद में इन सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।