पुलवामा जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया दहशतगर्त पाकिस्तानी था। वह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था। मारे गए आतंकी की शुक्रवार को शिनाख्त हो पाई। यह दहशतगर्द आतंकवाद प्रभावित दक्षिण कश्मीर में अबु सैफुल्ला और अबु कासिम के नाम से सक्रिय था। अबु सैफुल्ला डेढ़ साल से अधिक समय से अवंतिपोरा के त्राल और ख्रीव इलाके में सक्रिय था।
वह जुलाई 2013 में कुपवाड़ा जिले में मारे गए जैश प्रमुख कारी यासिर का करीबी सहयोगी था। पिछले साल वह दो आम नागरिकों अब्दुल कादिर कोहली और मंजूर अहमद के अपहरण और हत्या करने और एक दुकानदार नसीर अहमद गनी को घायल करने के मामले में आरोपी था। सैफुल्ला एसपीओ को अपनी नौकरियां छोड़ने और गैर स्थानीय मजदूरों को घाटी छोड़ने की धमकी देने से संबंधित पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था।
पुलिस ने बताया कि अबु सैफुल्ला मंगलवार सुबह पुलवामा के अवंतिपोरा इलाके में जैंत्राग गांव में तलाशी एवं घेराबंदी अभियान के दौरान अपने स्थानीय सहयोगी के साथ घिर गया था। सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया था और वहां छिपे आतंकवादियों के संयुक्त तलाशी दल पर गोली चलाने के कारण मुठभेड़ शुरू हो गई थी। मुठभेड़ में राष्ट्रीय राइफल्स के उत्तराखंड निवासी सिपाही राहुल रैंसवाल और एसपीओ शाहबाज अहमद शहीद हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि घायल जवानों को निकालने की प्रक्रिया के दौरान मौके का फायदा उठाकर आतंकवादी वहां से फरार हो गए। जैंत्राग गांव से एक किलोमीटर दूर नागंदर गांव के जंगल में उनकी मौजूदगी का पता चलने पर बुधवार को दोबारा मुठभेड़ शुरू हुई। इसमें अबु सैफुल्ला को मार गिराया गया। हालांकि उसके अन्य साथी भागने में सफ ल रहे, जिसे पकड़ने या मार गिराने के लिए तलाश जारी है।