पाक द्वारा बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन के चलते इस बार जिले में नियंत्रण रेखा के पास बनाए गए पोलिंग बूथों पर मतदान करवाना और मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी करना जिला चुनाव अधिकारी के लिए चुनौती बना हुआ था। इन पोलिंग बूथों पर मतदाताओं ने पिछले कई वर्र्षों के रिकार्ड तोड़ वोट डाले।
एलओसी वासियों ने वोट देकर आतंकियों को करारा जवाब दिया। जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियंत्रण रेखा के पास बनाए गए पोलिंग बूथों पर कहीं पर तो 90 फीसदी से ऊपर मतदान हुआ है। नौशेरा विस क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास सटे खंबो, भवानी ए, भवानी बी, कलाल, ढींग, दरूनी गाला आदि पोलिंग बूथों पर मतदान करीब 93 फीसदी रहा।
वहीं लड़ोका ए, लड़ोका बी, सयाल, ठंगर ए, ठंगर बी, ठंगर बी वन, नाह लाम ए, लाम बी पोलिंग बूथों पर मतदान करीब 80 से 83 फीसदी के बीच रहा। राजोरी विस क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास बनाए गए पोलिंग बूथों राजधानी, बगला ए, बगला बी, अंदरोट ए, अंदरोट बी और चलास में मतदान करीब 80 फीसदी रहा।
वहीं राजोरी विस क्षेत्र के ही दरेरी, दबरोट, देरी रलयोट ए और बी, मंगनाड़, सरोला, पंजग्राई, नक्कापंजग्राई, चलास, प्रयाली आदि पोलिंग बूथों पर मतदान करीब 75 से 80 फीसदी के बीच रहा। इन सभी पोलिंग बूथों पर मतदान के दौरान हाई अलर्ट घोषित किया गया था।
गौरतलब है कि नियंत्रण रेखा उस पार से पाक ने करीब 10 से भी अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। एलओसी के उस पार बैठे पाकिस्तानी आतंकवादियों के आकाओं और आईएसआई ने मतदान में खलल डालने और मतदान प्रतिशत में कमी लाने के हर संभव प्रयास किए थे। जिसका एलओसी वासियों ने वोट देकर करारा जवाब दिया।