स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने मंगलवार को आपशंभु मंदिर पहुंचकर युवाओं से बातचीत की। हालांकि उन्हें युवाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। युवाओं ने उनके समक्ष नारेबाजी की। कुछ देर बाद युवा शांत हुए तो उन्होंने युवाओं की बात सुनी।
इसमें प्रदर्शनकारी युवाओं ने कहा कि यह सारी घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत हुई है। मंत्री से कहा कि पुलिस के अधिकारियों ने भी आरोपी को बचाकर उल्टा उसी को पीट दिया, जिसने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
मंत्री ने युवाओं से कहा कि उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं। यह भी कहा कि जिन 22 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, उनको बिना शर्त छोड़ दिया गया है, जबकि इस पूरे मामले की जांच पुलिस के उच्च अधिकारी करेंगे। आरोपी को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। यह भी कहा कि जिस पुलिस कर्मी ने युवक को पीटा, उसको भी सस्पेंड किया गया है।