आपशंभु मंदिर से लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं जुड़ी है। मंदिर में तोड़फोड़ के आरोपी ने कोई अन्य गतिविधि न करके मंदिर को निशाना बनाया। इससे साफ जाहिर है कि आरोपी पागल नहीं है। अगर आरोपी तवी नदी में छलांग लगाता तो शायद उसे पागल कह सकते थे।
लेकिन वाट्सएप पर वॉयरल वीडियो देखने के बाद यह बात स्पष्ट है कि मंदिरों को ही निशाना बनाया जा रहा है। ये बातें स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने बुधवार को विभिन्न हिंदू धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ गेस्ट हाउस में हुई बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि आरोपी की पिछले एक माह की मोबाइल कॉल डिटेल निकाली जाएगी। वह अपने निवास स्थान शिवा डोडा से कब चला था और कहां-कहां रुका। इस बीच किन-किन लोगों से मिला, उसके मोबाइल पर किससे बातचीत हुई, इन सब बातों की जांच की जाएगी।
बाली ने आरोपी का मेडिकल एग्जामिनेशन करवाकर बोर्ड के डाक्टरों से उसे सर्टिफाइड करवाने की बात कही है, ताकि यह पता चल सके कि आरोपी सही में मानसिक रूप से परेशान है या नहीं।
बैठक में संगठन की ओर से हेड कांस्टेबल द्वारा महंत के साथ मारपीट करने के मामले में उसे टर्मिनेट करने की मांग पर मंत्री ने कहा कि कानून के दायरे में अगर ऐसा कुछ होगा, तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उसे सस्पेंड किया गया है।