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नही रूक रही खडी फसल को आग लगने की घटनाए

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वीती रात खेतो में लगी आग की लपटे जो दूर- दूर तक दिखाई दे रही थी - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। एक माह से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। इस पर नियंत्रण पाए जाने के लिए प्रशासन की कोई योजना नहीं है। एक माह से उपजिले में खेतों में खड़ी गेहूं को आग लगने की 63 घटनाएं घटी हैं, जिससे हजारों एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जलने के साथ आसपास कच्चे कुल्लों को आग लगने पर कई मवेशी मारे जाने के साथ कीमती समान भी इसकी चपेट में आया।
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कई किसान कटाई करने के उपरांत खेतों को अगली फसल लगाए जाने के लिए खुद आग लगाए जाने पर आसपास के खेतों की फसल जल गई। किसान ओम प्रकाश का कहना है कि खेतों में खड़ी फसल आग की चपेट में आने पर सरकार की ओर से किसानों को राहत राशि मुहैया कराए जाने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया। जब कोई प्राकृतिक आपदा आए तो तभी किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों की रोजी रोटी का साधन खेतीबाड़ी पर निर्भर होने पर गेहूं व धान की फसलें लगाई जाती है। कई बार ओलावृष्टि या बारिश होने पर फसल नष्ट हो जाती है। हालत यह है कि तब भी किसानों को राहत राशि प्राप्त करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वीरवार देर रात कस्बे से थोड़ी दूरी पर गांव ठीकरिया के पास खेतों में लगी गेहूं की फसल को लगी आग आसपास के गांवों तक जा पहुंची। गांव कोटली अर्जुन सिंह बडियाल ब्राह्मणा तक खेतों में जा पहुंची। सबसे बड़ी दिक्कत खेतों में दमकल वाहनों का नहीं पहुंचना है। विशेषकर रात के समय आग लगने पर और भी मुश्किल हो जाती है।
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जब तक दमकल विभाग के वाहन वहां पहुंचते हैं तब तक सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती है। पंचायत बडियाल ब्राह्मणा के सरपंच विन्नी शर्मा का कहना है कि उनकी पंचायत के अधीन लगातार चार बार खेतों में आग लगने पर फसल नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को योजना बनाकर उपजिले में जोन बना दमकल वाहन लगाने चाहिए। ताकि आग लगने पर समय रहते इस पर नियंत्रण पाया जा सके।
सरपंच हरबंस लाल का कहना है कि उपजिले के फायर स्टेशन पर दो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। 12 कर्मी होने पर आग पर नियंत्रण पाए जाने के साथ रिकार्ड रखे जाने के लिए भी इन्हीं कर्मियों पर कार्य निर्भर है। वाहन में पानी भरने के लिए फायर स्टेशन से सात किलोमीटर की दूरी पर आरएस पुरा जाना पड़ता है। अधिक आग लगने पर गांधी नगर जम्मू से वाहन मंगवाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि किसानों की फसल को आग लगने से बचाए जाने के लिए योजना बनाई जाए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
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