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खेतो में लगी आग से 250 कनाल खडी गेहूं की फसल जलकर राख

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आग में जलती गेहूं की फसल
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आरएस पुरा। गांव बडियाल ब्राह्मणा के किसानों की सोमवार को खेतों में लगभग 250 कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। दोपहर दो बजे के करीब फसल को आग लगने पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की सहायता से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। बाद में दमकल गाड़ी के पहुंचने पर आग पर काबू पाया, जिससे आसपास के खेतों को बचाया गया।
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बड़ियाल ब्र्राह्मणा के सरपंच बिन्नी शर्मा का कहना है कि किसानों की जमीन सीमावर्ती क्षेत्र के पास थी, वहा न जाने कैसे खेतों आग लग गई। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खेतों में आग लगी है, इसकी सूची बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
शार्ट सर्किट से लगी आग में दो एक फसल जली
बिश्नाह। क्षेत्र के देवली टिबा में शॉर्ट सर्किट से खेतों में गेहूं की फसल में आग लग गई। आग में करीब दो एकड़ फसल जलकर राख हो गई। आग से इन खेतों के साथ जुड़े अन्य क्षेत्रों में काटी गई गेहूं की 20 बोरियां भी आग की चपेट में आ गईं। हालांकि दमकल गाड़ी द्वारा आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली की किसान फसल को जलते हुए देखते रह गए।
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जिन किसानों की गेहूं की फसल जली है उनमें विजय कुमार, उत्तम सिंह, राकेश कुमार ने कहा कि उनकी पूरी साल की मेहनत बेकार गई। खेत के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों की वजह से उनकी फसल जल गई। इस आग की घटना का पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद
गेहूं खरीद के प्रबंध न होने से किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। इन दिनों किसान गेहूं फसल की कटाई कर रहे हैं, लेकिन गेहूं खरीदने के लिए सरकार की और कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इसको लेकर किसानों ने रोष जताते हुए इसका समाधान करने की मांग की है।
किसान रतन लाल का कहना है कि दूसरे राज्यों में गेहूं की खरीद के लिए सरकार की ओर से ऑनलाइन सुविधा प्रदान की गई, जबकि आरएस पुरा में कोई व्यवस्था नहीं की गई। किसानों को कम कीमत पर व्यापारियों को गेहूं बेचनी पड़ रही है। किसान नेता सुभाष दषगोत्रा का कहना है कि दूसरे राज्यों में गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए पोर्टल पंजीकरण किया जा रहा है। ताकि किसान तय किए भाव पर गेहूं बेच सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों की आय दो गुणा किए जाने के लिए कहा जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर केंद्र शासित प्रदेश में सिवाय अनदेखी के और कुछ नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि किसानों की गेहूं खरीदने के लिए हर पंचायत में व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसानों को अधिक कीमत मिलने पर लाभ हो सके।
उन्होंने कहा कि तो कृषि विभाग की और गेहूं खरीद के लिए कोई व्यवस्था की गई और न ही सरकार द्वारा कारगर कदम उठाए गए। मनदेव सिंह का कहना है कि पहले गांव में को ऑपरेटिव सोसायटी की ओर से किसानों की गेहूं व धान खरीदी जाती थी। बाद में एफसीआई द्वारा खरीद की जाती रही। अब कोई व्यवस्था नहीं होने पर किसानों को मजबूरी में व्यापारी वर्ग के लोगों को फसल बेचने पर तय की गई कीमत नहीं मिल पाती। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गेहूं की खरीदने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को गेहूं बेचने में आ रही परेशानियों से निजात मिल सके।
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