राजीव सिंह लंगेह
अरनिया। अरनिया अस्पताल में मंगलवार शाम को आपात स्थिति में महिला का प्रसव करवाया गया। महिला की हालत को देखते हुए अस्पताल में ही डिलीवरी का फैसला लेना पड़ा। प्रसव के लिए महिला को शाम 4:50 बजे अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके 10 मिनट बाद महिला ने शिशु को जन्म दिया। डिलीवरी सामान्य हुई है।
अरनिया के वार्ड नंबर 10 की गर्भवती महिला काजल देवी पत्नी सतरोही पासवान मूल निवासी सीतामढ़ी, बिहार को प्रसव के लिए अरनिया अस्पताल लाया गया। महिला की हालत को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने अस्पताल के इंचार्ज डॉक्टर रोहित कुमार को सूचित किया। डॉक्टर रोहित ने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए रेफर नहीं किया जा सकता था। प्रसव की थैली फटने के साथ लीकेज शुरू हो गई थी। तत्काल अस्पताल में पांच सदस्यों की टीम का गठन किया। इसमें स्टाफ नर्स भूमिका देवी और कमलेश कुमारी, फार्मासिस्ट सुरेश खजूरिया और आशा वर्कर सुमन सैनी थी।
महिला की पहली डिलीवरी होने के चलते खतरे की आशंका बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के दौरान बिश्नाह अस्पताल में तैनात महिला विशेषज्ञ डॉक्टर निशू भूषण से वीडियो कॉल पर परामर्श लिया गया। डिलीवरी के दौरान उनके दिशा निर्देश का पालन किया गया। डिलीवरी मुकम्मल होने तक वह वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर के साथ जुड़ी रहीं। बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर निरुपम गुप्ता को वीडियो कॉल पर शिशु की जांच करवाई गई। उन्होंने बताया कि जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बुधवार को बिश्राह अस्पताल में जच्चा बच्चा का चेकअप करवाया जाएगा।
जेडएमओ डॉक्टर रोहित कुमार ने कहा कि लेबर रूम के साथ डिलीवरी का सारा सामान उपलब्ध है। महिला विशेषज्ञ डॉक्टर और बच्चों के डॉक्टर न होने के चलते डिलीवरी में मुश्किल आती है। इसके बावजूद प्रसव कराने का फैसला लेना पड़ता है।
अस्पताल का स्टाफ इसमें सक्षम है। डेढ़ साल में अरनिया अस्पताल में पांच प्रसव सफलतापूर्वक करवाए गए हैं। टीमवर्क से ऐसे मुश्किल कार्यों को अंजाम दिया जाता है। (संवाद)