कश्मीर घाटी में इस साल आतंकवादियों का हाथ थामने वाले युवाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस साल 30 नवंबर तक घाटी के 79 युवा विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़ चुके थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 60 थी।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है और हालात की समीक्षा होती रहती है।
सरकार ने युवाओं पर आतंकी संगठनों के प्रभाव को नाकाम करने के लिए कई प्रयास किए हैं। उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
साथ ही ऐसी नीतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनसे युवा मुख्यधारा से जुड़ सकें। उच्च सदन में भाजपा के लाल सिंह वड़ोदिया ने यह मामला उठाया था।
बताया जा रहा है कि युवाओं के इस भटकाव से सुरक्षा एजेंसियां काफी चिंतित हैं। राह से भटके युवाओं पर बुरहान वनी के हिजबुल मुजाहिदीन का अधिक असर है।