सांबा। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान करने वाले हर वर्ग में खुशी का माहौल देखा गया। कस्बे की मंडी संगवाली निवासी 102 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक रोमाल सिंह ने भी व्हील चेयर पर आकर मतदान किया। रोमाल सिंह वोट करने के दौरान काफी खुश नजर आए किवह देश के बनने वाले प्रधानमंत्री के लिए वह भी भागीदार हैं। उनका वोट भी निर्णायक हो सकता है।
कस्बा की मंडी थलोरा की 95 वर्षीय शांति देवी ने भी वोट डाला। शांति देवी के चेहरे पर भी खुशी थी कि वह अपना वोट कर रही है। रेईयां की सत्या देवी को अपनी उमर के बारे में अंदाजा तक नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना था कि वह 90 वर्ष की हैं। सत्या देवी का कहना था की वोट कर उन्हें खुशी हुई है।
सीमांत गांव कंगवाला की शिक्षिका नीरज चौधरी ने बताया कि वोट कर उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने एक अच्छे प्रधानमंत्री के लिए वोट किया है। जो देश को सही रास्ते पर ले जाए, क्षेत्र में अधिक विकास हो लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलें। सीमावर्ती गांव की पहली बार वोट करने वाली युवती सुपालिया चौधरी, कंचन, वनिश्का, मोनिका, नीरज का कहना था कि पहली बार वोट कर उन्हें काफी खुशी मिली है। उनका कहना था कि देश के अगले प्रधानमंत्री के लिए उनका वोट हुआ है। देश के अच्छे विकास के लिए वोट किया है।
सांबा में 76.65, विजयपुर में 76.69 प्रतिशत पड़े वोट
सांबा। रियासत में पहले चरण के लिए हुए लोकसभा चुनाव के मतदान वीरवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान जिले भर के मतदान के ंद्रों पर कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जिले की दो विधानसभा क्षेत्रों सांबा में 76.65 व विजयपुर में 76. 69 प्रतिशत मतदान हुआ। सांबा विधानसभा में कुल मतदाता 89338 और विजयपुर में 116082 मतदाता हैं। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया था। भारत-पाक सीमा को सील कर रखा गया। मतदान केंद्रों के आसपास भी कड़ी सुरक्षा की गई। सकुशल मतदान होने पर जिला प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों व सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली है। ब्यूरो
मतदान केंद्र में पानी की बनी रही समस्या
सांबा। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान के समय कुछ मतदान केंद्रों में पीने के पानी की समस्या बनी रही। कुछ में मतदान के दौरान राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं ने इस पर एतराज जताया। कई केंद्रों पर मीडिया कर्मियों को भी जाने से रोका गया।
जिले के सीमावर्ती गांव कंगवाला के सरकारी मिडिल स्कूल में कंगवाला, सदोह व अवताल काटलां के ग्रामीणों के लिए मतदान केंद्र बनाया गया था, लेकिन पीने के पानी तक की समस्या बनी रही। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने भी इस समस्या से अवगत कराया। उधर सीमावर्ती गांव बैनगलाड में सरकारी हाई स्कूल में मतदान केंद्र पर एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि बुजुर्ग मतदाताओं के साथ उनके परिजनों को नहीं जाने दिया जा रहा है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपनी मर्जी से ही वोट डलवा रहे हैं। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मतदान केंद्र पर तैनात कर्मचारी से जानकारी ली तो उनका कहना था कि वह चुनाव आयोग के निर्देशों के अंतर्गत ही काम कर रहे हैं। उधर कई मतदान केंद्रों पर मीडिया कर्मियों को भी सुरक्षा बल के जवानों की ओर से रोका गया।
दिव्यांगों को घर से केंद्र तक लाया गया
जिला रेडक्रास सोसाइटी की ओर से पहले से ही सर्वे करा कर दिव्यांग व्यक्तियों को घरों से मतदान केंद्र तक लाया गया। व्हील चेयर भी प्रत्येक मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई गई थी। रेडक्रास सोसाइटी की ओर से आशा वर्कर व स्कूली छात्रों की टीम का गठन किया गया था। ऐसा पहली बार देखने को मिला है।