जम्मू। चिनाब घाटी में पंचायत चुनाव के लिए नए सिरे से सुरक्षा रणनीति बनाई जाएगी। दरअसल, वहां आतंकी हमले से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
कश्मीर में पंचायत चुनाव की सुरक्षा के लिए रणनीति बनाने वाली सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों की रणनीति ने चकमा दे दिया है। तमाम एजेंसियां कश्मीर में चुनाव को लेकर व्यस्त रहीं और आतंकियों ने ऐसे इलाके को हमले के लिए चुना, जहां पर इसे लेकर आम तैयारियां हीं चल रही थीं। आतंकियों की इस रणनीति ने चिनाब घाटी में पंचायत चुनाव की सुरक्षा के इंतजाम पर दोबारा मंथन करने पर मजबूर कर दिया है।
जम्मू कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब नए सिरे से पंचायत चुनाव की सुरक्षा पुख्ता करने की रणनीति बनाने में जुट गई हैं। चिनाब घाटी के रामबन, किश्तवाड़ और भद्रवाह जिलों में पंचायत चुनाव के लिए अब सुरक्षा में और पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे हैं।
पूर्व आतंकियों की कुंडली खंगाली जा रही
सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने मिलकर चिनाब घाटी में पूर्व आतंकियों और इनके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। खासतौर पर ओवरग्राउंड वर्करों पर नजर रखी जा रही है। चिनाब घाटी को कश्मीर से जोड़ने वाले सभी छोटे रास्तों पर भी सुरक्षा कर्मियों को नजर रखने के लिए कहा गया है।
निश्चित तौर पर जब इस तरह की घटना होती है, तो फर्क पड़ता है। लेकिन सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं। पंचायत चुनाव कराना एक चुनौती है, लेकिन इसके लिए हम तैयार हैं। हमने केंद्रीय एजेंसियों से मिलकर भी रणनीति बनाई है। हर एक पहलू पर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है।
-रफीक उल हसन, डीआईजी, डोडा, रामबन किश्तवाड़ रेंज