भाजपा प्रदेश सचिव अनिल परिहार व उनके बड़े भाई अजीत परिहार की हत्या के बाद लगाए गए कर्फ्यू में रविवार को किश्तवाड़ के लोगों को दो चरणों में चार घंटे के लिए ढील दी गई। इस दौरान लोगों ने बाजार से जरूरत का सामान खरीदा। ज्यादातर लोगों ने धनतेरस और दीपावली के पर्व के लिए खरीदारी की।
शनिवार को पूरी रात कर्फ्यू रहा। रविवार सुुबह भी किश्तवाड़ सेना की कड़ी सुरक्षा में था और किसी को भी कर्फ्यू के दौरान घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। सेना के वाहन फ्लैग मार्च करते रहे। इस दौरान लोगों को बाहर न निकलने की चेतावनी भी देते रहे। दोपहर करीब एक बजे सेना ने चार घंटे के लिए दो चरणों में ढील दी।
पहले चरण में दोपहर एक से तीन बजे तक और दूसरे चरण में दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक ढील रखी गई। लोगों का कहना है कि पता नहीं किश्तवाड़ में कितने दिन और कर्फ्यू रहेगा और कब हालात सामान्य होंगे। इसलिए कर्फ्यू में ढील मिलते ही खरीदारी कर लेते हैं। उधर, चार घंटे की ढील के दौरान बाजार में काफी भीड़ लगी। इस दौरान सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को दुगना कर दिया था।
बाजार पहुंचने वाले लोगों को कड़ी सुरक्षा प्रदान की जा रही। ढील का समय खत्म होते ही शाम पांच बजे के बाद बाजार में सन्नाटा छा गया। सेना के वाहन ने फ्लैग मार्च कर बाहर न निकलने की चेतावनी देना शुरू कर दिया।