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तीन घायलों को चापर से पहुंचाया जम्मू

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राजोरी। शुक्रवार को बुद्धल से कोटरंका जा रही मेटाडोर हादसे को लेकर लोगों में कोहराम मच गया। हादसे के बारे में जिसने भी सुना वह उसी ओर दौड़ पड़ा और राहत कार्य में लग गया। उधर प्रशासन ने तीन घायलों को चॉपर से जम्मू पहुंचाया।
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शुक्रवार को बुद्धल से कोटरंका जा रही एक मेटाडोर दुघर्टनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 यात्री घायल हो गए। डीसी राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जम्मू शिफ्ट करने के लिए सेना के चॉपर को बुद्धल भेजा गया था, लेकिन तकनीकी खराब के चलते चॉपर बुद्धल नहीं पहुंच पाया और उसे राजोरी में लैंड करना पड़ा। बुद्धल से सभी घायलों को तीन एंबुलेंस में डाल कर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डीसी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रशासन की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उधर बुद्धल-दरहाल के एमएलए एवं फूड सप्लाई मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने हादसे पर खेद व्यक्त करते हुए घायलों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने पुलिस को हादसे के पीछे के कारणों का पता लगाने व इस प्रकार के हादसों को रोकने के भी निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मेटाडोर कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मेटाडोर का चालक मौके से फरार हो गया था व उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
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मृतकों व घायलों के नाम
डीसी के अनुसार मृतकों के नाम मोहम्मद अशरफ निवासी पुलनी, जुल्फकार निवासी दराज और तारिक इकबाल निवासी समोट हैं। घायलों में मोहम्मद शरीफ, इंतखाब अहमद, रजिया बेगम, सरोज बेगम, सुंदर बेगम, मोहम्मद रशीद, अब्दुल गनी, मोहम्मद बशीर, शकूर अहमद, मोहम्मद बशीर, इम्तियाज अहमद, मोहम्मद रजाक, अनवर बेगम, रकिया बेगम को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। तीन घायलों को चॉपर से जम्मू रेफर किया गया है
थाने से मात्र सौ मीटर दूर हुआ हादसा
जिस स्थान पर हादसा हुआ है वह बुद्धल पुलिस थाने से मात्र सौ मीटर की दूरी पर है। बुद्धल वासियों ने पुलिस की कार्यप्रणली पर सवाल खड़े करते हुए रोष प्रकट किया कि मेटाडोर थाने के सामने से गुजर कर वहां तक पहुंची थी व उसकी छत और सीढ़ियों पर यात्री लटक रहे थे, फिर भी पुलिस ने न तो मेटाडोर की जांच की और न ही कोई कार्रवाई। यदि पुलिस ने लटक रहे यात्रियों को नीचे उतार लिया होता तो हादसा जानलेवा नहीं होता। इतना ही नहीं मेटाडोर की छत पर काफी सामान भी लोड किया हुआ था।
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