उपभोक्ता मामले एवं जनवितरण विभाग के सहायक निदेशक ने मंगलवार को चक्खड़ स्थित उधमपुर फ्लोर मिल में छापा मारा। इस दौरान मिल में छह सौ बैग आटा खराब पाया गया। जो खाने लायक नहीं था। यही नहीं, जब मजालता के टीएसओ की टीम को पूरी जांच करने के लिए भेजा गया तो वहां से 540 बैग सप्लाई भी कर दिए गए थे। सहायक निदेशक यशान ने छापे के दौरान पाया कि गेहूं को जिस पानी से साफ किया जा रहा था, वह पानी नजदीक के नाले से लिया जा रहा था। नाले का पानी गंदा था।
भारतीय खाद्य निगम को आदेश दिया कि इन छह सौ खराब बैग को सप्लाई नहीं किया जाए। इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उधमपुर फ्लोर मिल को गेहूं भी सप्लाई नहीं करने के आदेश दिए गए। सहायक निदेशक ने इसके बाद तहसील सप्लाई आफिसर (टीएसओ) को भी मिल में जांच के लिए भेजा। टीएसओ ने रिपोर्ट दी कि मिल में केवल 60 बैग ही बचे हैं। अन्य बेग नहीं मिले।
संभावना है 540 बैग को राशन डिपो में सप्लाई कर दिया हो। मिल के सुपरवाइजर को हालांकि आदेश दिए गए थे कि इस खराब आटे को सप्लाई नहीं किया जाए। उन्होंने सुपरवाइजर को यह भी आदेश दिया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करे कि खराब आटे की बोरियों की जानकारी सहायक निदेशक कार्यालय को क्यों नहीं दी गई। मैनेजर को भी कहा गया कि वह बताए कि मिल के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?
इस छापे से साफ हो गया है कि उधमपुर में जो आटा सप्लाई हो रहा है, वह खराब है। लोगों को साफ आटा सप्लाई नहीं हो रहा है। सहायक निदेशक के अनुसार इस मामले में उपयुक्त जांच के आदेश दिए गए हैं।