जम्मू। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि बासमती की खेती योग्य 60 हजार हेक्टेयर जमीन को और उत्पादक बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए किसानों को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इस वित्तीय वर्ष में साढ़े सात लाख किसानों को 16 करोड़ की लागत से गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है।
नैनो यूरिया की खेप को हरी झंडी दिखाते हुए एलजी ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कृषि उत्पादों को पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। बागवानी के क्षेत्र में नैफेड के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत अगले पांच साल में 5500 हेक्टेयर में सेब, अखरोट, आम तथा लीची का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए केंद्र शासित प्रदेश में 1700 करोड़ रुपये का निवेश होगा। कठुआ के अलावा उत्तरी व दक्षिणी कश्मीर में तीन कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पर 500 करोड़ रुपये खर्च होगा।
सिन्हा ने कहा कि सरकार किसानों की आय को बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। साथ ही अधिक से अधिक युवाओं को कृषि क्षेत्र में रोजगार देने के लिए प्रयासरत है। कृषि व बागवानी को बढ़ावा देने के लिए इस साल 2008 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले साल से 695 करोड़ रुपये अधिक है। जम्मू व कश्मीर के कृषि विश्वविद्यालयों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों तथा कृषि से जुड़े स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र की मदद से प्रत्येक किसान तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है ताकि वे अत्याधुनिक तकनीकी व उपकरणों का इस्तेमाल कर सकें। इसके तहत 30 हजार चिह्नित किसानों को 65 करोड़ रुपये की मशीनरी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही 91 करोड़ की लागत से 25 हजार किसानों को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों तथा किसानों को यूरिया का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी जताया।
ग्रामीण युवाओं के रोजगार सृजन के लिए 74 करोड़
एलजी ने कहा कि ग्रामीण युवाओं के दक्षता विकास तथा रोजगार सृजन की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। इसके लिए 74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने के साथ ही युवाओं को रोजगार के मौके भी प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में गुजरात के खाद्य व आपूर्ति मंत्री जयेश रादादिया, इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. यूएस अवस्थी, प्रमुख सचिव कृषि नवीन कुमार चौधरी, स्कास्ट जम्मू के वाइसचांसलर डॉ. जेपी शर्मा भी मौजूद थे।