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जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे : फारूक

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जम्मू। नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहने के संकल्प को दोहराया है। उन्होंने 5 अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के मुद्दे पर कहा कि पार्टी देश के सर्वोच्च न्यायालय में अपनी लड़ाई लड़ रही है। पार्टी कैडर जम्मू-कश्मीर के सामने आने वाले चुनौतियों का एकजुट होकर सामना करे। लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुलझाने का काम किया जाए।
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डॉ. फारूक ने मंगलवार को पार्टी के प्रांतीय समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर व्यापक मुद्दों पर चर्चा की। वर्चुअल मोड से आठ घंटे चली इस मैराथन बैठक में उपप्रधान उमर अब्दुल्ला सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि नेकां जम्मू कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके लिए अपनाया जा रही प्रक्रिया अनुरूप नहीं है। उन्होंने सड़क संपर्क विशेष रूप से मुगल रोड के सुचारू करने पर जोर दिया। यह सड़क मार्ग जम्मू और कश्मीर के बीच महत्वपूर्ण है, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधिक दबाव है। जम्मू-पुंछ और जम्मू-किश्तवाड़ के बीच रेलवे संपर्क महत्वपूर्ण है और इसके लिए संसद में नेकां ने मुद्दा उठाया था। इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा। उन्होंने कोविड महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए लोगों से सहयोग मांगा और पार्टी कैडर से लोगों को बड़े पैमाने पर टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को कहा। इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने पार्टी पदाधिकारियों से जम्मू प्रांतमें पार्टी की सदस्यता वितरण प्रक्रिया की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने जम्मू कश्मीर में व्याप्त अनिश्चितता पर चिंता व्यक्त करते हुए पार्टी कैडर से सही कारणों के लिए लड़ने पर जोर दिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर की चुनौ्ितयों के लिए घर घर जाकर अभियान शुरू करने को कहा। बैठक में मारे गए पार्टी नेताओं को श्रदांजलि दी गई। इस मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, महासचिल अली मोहम्मद सागर, अजय कुमार सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया, रतन लाल गुप्ता, खालिज नजीब सुहरवर्दी आदि मौजूद रहे।
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