आतंकी बने युवाओं के परिवार वाले और राज्य की सभी सुरक्षा एजेंसियां उन्हें मुख्यधारा में वापस आने की अपील करती रही हैं। सबसे पहली अपील वर्ष 2017 में दक्षिणी कश्मीर के फुटबाल खिलाड़ी से आतंकी बने माजिद इरशाद खान के परिवार ने की थी।
इसका सकारात्मक असर दिखा। इसके बाद अभिभावक अपने बेटों को आतंक के दलदल से निकालने के लिए खुलकर मीडिया के सामने अपील करने लगे। कुछ युवा लौटे भी। यहां तक कि इसी बुधवार को श्रीनगर के खान्यार में रहने वाले युवक की मां ने बेटे से अपील की थी, ‘तुम तो कभी झूठ नहीं बोलते थे
वापस आने का वादा किया पर वापस क्यों नहीं आ रहे हो।’ उसकी इस अपील के बाद युवक ने आतंक की राह छोड़कर घर लौट आया। डीजीपी डॉ एसपी वैद ने वीरवार की सुबह अपने एक ट्वीट में उसके वापस लौटने की बात साझा की। उन्होंने लिखा, ‘एक मां की अपील अपने बेटे को आतंक का रास्ते छुड़वाने में रंग लाई। ऊपर वाला परिवार को खुश रखे और बाकियों को भी सही रास्ता दिखाए।’