जम्मू-कश्मीर विधानसभा नवनिर्वाचित सदस्यों के स्वागत के लिए तैयार है। यह पहला अवसर होगा, जब विधानसभा के लिए चुने गए 87 सदस्यों में से 56 पहली बार सदन में कदम रखेंगे।
सिर्फ 31 ऐसे सदस्य हैं, जिन्हें विधानसभा की कार्यप्रणाली का पूर्व अनुभव है। अनुभवी 31 सदस्यों में से 26 पिछली बार भी विधायक थे। उन्होंने अपनी सदस्यता को बरकरार रखा, जबकि पांच विधायकों ने छह साल बाहर रहने के बाद फिर से वापसी की है।
आंकड़ों की दृष्टि से देखा जाए तो नेशनल कांफ्रेंस के दो सदस्यों ने छठी बार जीत हासिल कर अपने ही सीनियर व पिछले वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के रिकार्ड की बराबरी की है। जिन्होंने चरार-ए-शरीफ का 37 साल प्रतिनिधित्व किया, जबकि इस बार उन्हें पीडीपी के गुलाम नबी लोन के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।