जम्मू संभाग के सरकारी स्कूलों में पांच सौ से ज्यादा राजपत्रित पद लंबे समय से खाली हैं। 103 सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं, जबकि 309 में हेडमास्टर के पद खाली हैं। वहीं 42 जोनल शिक्षा अधिकारी, 11 जोनल एजुकेशन पोलिंग ऑफिसर और एचओडी डाइट के 21 पद खाली हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशलय ने जम्मू संभाग के सरकारी स्कूलों में राजपत्रित और मास्टर की रिक्त पदों की सूची जारी की है। स्कूलों में राजपत्रित पद के साथ अध्यापकों के पद भी खाली पड़े हैं। जम्मू संभाग में डोडा जिले में सबसे ज्यादा 26 प्रिंसिपल के जबकि रियासी में 14 पद खाली हैं। शिक्षा विभाग पदों को भरने की बजाय एक प्रिंसिपल को दो से तीन स्कूलों का कार्यभार सौंप रहा है।
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इससे स्कूलों में शैक्षणिक के साथ प्रशासनिक और नीतिगत फैसले नहीं हो पा रहे हैं। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुविधा पर पड़ रहा है। जम्मू संभाग में कुल 12310 सरकारी स्कूल हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कुछ स्कूलों में स्वीकृत स्टाफ से अधिक लोग, जबकि कई रसूखदार लंबे समय से अटैचमेंट पर नौकरी कर रहे हैं। जरनल लाइन टीचर्स की की बात करें तो जम्मू जिले में 1049 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 216 खाली पड़े हैं।
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वहीं उधमपुर जिले में जरनल लाइन, रमसा और एसएस के अध्यापकों के स्वीकृत पद 1102 जिसमें से 444 खली हैं। वहीं राजोरी में 1441 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 512 पद खाली हैं। रामबन जिले में कुुल 667 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 472 पद खाली पड़े हैं। रियासी में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती काफी कम है, 778 स्वीकृत पदों में से 568 पद खाली पड़े हैं। इस तरह अन्य जिलों में पद खाली पड़े हैं।