स्टेट लेवल बैंकिंग कमेटी (एसएलबीसी) की 96वीं बैठक में आधार कार्ड का मुद्दा छाया रहा। सोमवार को हुई मीटिंग में कुछ बैंकों का कहना था कि रियासत में आधार कार्ड वितरण में देर हो रही है। इससे प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले अकाउंट में मिलने वाले लाभ देने में समस्या उत्पन्न होगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि 40 लाख लोगों का आधार कार्ड बन चुका है, जबकि लगभग 50 लाख लोगों का बनना बाकी है। जून तक इन लोगों का डाटा जमा कर लिया जाएगा। फिर इन्हें कंपाइल कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से आधार कार्ड बनकर आने के बाद लोगों के घरों में वितरित कर दिए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार आधार कार्ड बनाने का काम कई चरणों में चल रहा है। घाटी में बाढ़ आने से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में बाधा आई है। बाढ़ के कारण तीन-चार माह तक प्रभावित लोगों के पुनर्वास का काम चलता रहा।
इसी कारण वहां आधार कार्ड बनाने का काम पूरी तरह ठप हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह से घाटी के तमाम हिस्सों में आधार कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
उधर, एसएलबीसी की मीटिंग में उपस्थित योजना विभाग के प्रमुख सचिव बीआर शर्मा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आधार कार्ड बनाने का काम तेजी से करवाने को कहा है, ताकि बैंकों को परेशानियों से बचाया जा सके।