उत्तरी कश्मीर के सोपोर में शनिवार को पुलिस और सेना ने संयुक्त अभियान में आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन के मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस दौरान संगठन के पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया है जो घाटी में गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी सफलता मानी जा रही है।
बताया जाता है कि इनकी योजना सुरक्षा बलों सहित वीआईपी लोगों को निशाना बनाने की थी। आतंकियों के पास से हथियार और गोला-बारूद मिला है। सभी से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सुरक्षा बलों को और भी अहम जानकारियां मिली हैं।
सूचना के आधार पर सोपोर पुलिस और सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स ने बारारमुला जिले के संग्रामा इलाके में तलाशी अभियान छेड़ा था। इस दौरान उन्हें आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन के एक मोस्ट वांटेड आतंकी इशफाक सोफी को दबोचने में सफलता हाथ लगी। सुरक्षा बलों ने उसके एक और साथी को भी धर दबोचा। उसके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।
सीमा पार बैठे आकाओं से मिले थे निर्देश: डीआईजी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के नार्थ रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) गरीब दास ने जानकारी दी कि सूत्रों से मिली खबर के आधार पर इस मोस्ट वांटेड आतंकी को गिरफ्तार किया जो कि हरकत-उल-मुजाहिदीन से संबंधित था।
उन्होंने बताया कि इस आतंकी संगठन को घाटी से वर्ष 2012 में पूरी तरह से खत्म कर दिया गया था। संगठन का यह इकलौता आतंकी बच गया था।डीआईजी ने यह भी बताया कि सोफी पिछले 3-4 वर्षों से अंडरग्राउंड गतिविधियों में लगा था।
जानकारी यह भी है कि हरकत-उल-मुजाहिदीन को घाटी में पुनर्जीवित करने के निर्देश उसे सीमा पार बैठे आकाओं से मिले थे। उन्होने बताया कि सोफी पाकिस्तान में बैठे सज्जाद शाहीन उर्फ सज्जाद अफगानी (हरकत-उल-मुजाहिदीन टॉप कमांडर) के साथ व्हाट्सएप के जरिये सीधे संपर्क में था।
दास के अनुसार सोफी की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर उसके चार अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षा बलों के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है। इस मामले में पुलिस स्टेशन तारजू में आईए एक्ट की धारा 7/25 के तहत एफआईआर 09/2016 दर्ज की गई है।
ये हैं पकड़े गए आतंकी
आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन के गिरफ्तार किए गए आतंकियों में सबसे पहले मॉडल टाउन सोपोर का रहने वाला इशफाक अहमद सोफी उर्फ उमर (सक्रिय आतंकी) और ओल्ड टाउन बारामुला का रहने वाला एजाज अहमद गोजरी उर्फ छोटा कालीमुल्ला को पकड़ा।
इनसे एक चीनी पिस्तौल, इसकी एक मैगजीन, दो चीनी हैंड ग्रेनेड समेत अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इनकी इंटेरोगेशन के दौरान हुए खुलासे के चलते इनके तीन और साथियों को धर दबोचा गया।
इनमें द्रंगबल बारामुला का रहने वाला दानिश गफ्फार गोजरी उर्फ कालीमुल्ला, खानपुरा बारामुल्ला निवासी जावेद अहमद डार और शालबफ मोहल्ला अंचार सोवरा (श्रीनगर) का रहने वाला मोहम्मद समीर कंडू उर्फ समीर बाबा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार दानिश और जावेद सितंबर 2015 में संगठन में शामिल हुए थे।