सीएपीडी में 44 करोड़ रुपये के बहुचर्चित राशन घोटाले मामले में हाईकोर्ट ने एसएसपी राजोरी की जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के वकील असीम साहनी की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर ने मुख्य सचिव जेएंडके, एसएसपी राजोरी और सीएपीडी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर पक्ष रखने को कहा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि एफआईआर 11/2012 मामले में क्राइम ब्रांच जम्मू पहले ही जांच कर रहा है। इसके बावजूद एसएसपी राजोरी ने बिना कोई एफआईआर दर्ज किए एक शिकायत के आधार पर समानांतर जांच शुरू कर दी। जबकि कानून इसकी इजाजत नहीं देता। एसएसपी ने अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए कानून को ताक में रख अथारिटी न होने के बावजूद जांच शुरू की।
साथ ही पुलिस नियमों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता को बेवजह प्रताड़ित भी किया जा रहा है। वकील ने कहा कि मामले के तमाम रिकार्ड क्राइम ब्रांच द्वारा जब्त किए गए हैं और एफआईआर भी दर्ज की है। ऐसे में एसएसपी समानांतर जांच कैसे कर सकते हैं। एसएसपी की जांच मनमानी और अवैध है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर ने तमाम दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी करते हुए सीनियर एएजी को निर्देश दिए कि इस मामले में अगली तिथि पर सरकार का पक्ष रखा जाए। अदालत ने क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही जांच के मामले में ही एसएसपी की समानांतर जांच पर फिलहाल रोक लगा दी।