आरएस पुरा। कई इलाकों में जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। सीमावर्ती गांव चंदू चक्क में कई ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने ग्रामीण विकास विभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन दो साल पहले किया, लेकिन उन्हें अब तक लाभ नहीं मिला है। वे कच्चे और असुरक्षित मकान में रहने को मजबूर हैं।
केस- 1
दो साल में दो बार कर चुके हैं आवेदन
चंदू चक्क के निवासी बहादुर सिंह ने कहा कि दो साल पहले उसने आवेदन किया था। कई बार आरएस पुरा ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय के चक्क लगाए। लेकिन आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला। बाद में आरएस पुरा के ब्लाक से आवेदन करने पर फाइल ही कहीं खो गई। दूसरी बार आवेदन करने पर भी अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। उसने बताया कि उसका कच्चा मकान एक तरफ से गिरने लगा है। परिवार के सदस्यों पर खतरा बना है। बारिश के दिनों में चिंता और बढ़ जाती है।
केस- 2
पाकिस्तान के गोले से ज्यादा डर घर गिरने का
इसी गांव के जोगिंद्र सिंह चार साल पूर्व आवेदन किया था। अब तक यह दो बार आवेदन कर चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तो मिला नहीं, पर कच्चे मकान की छत का एक हिस्सा गिर गया। बारिश होने पर पड़ोसियों के यहां परिवार के सदस्य रहने को मजबूर हैं। परिवार में दो बेटियां हैं। हद तो यह है कि जोगिंद्र की पत्नी नरेंद्र कौर पंच हैं। उसके बावजूद उनकी सुनने वाला कोई नहीं। नरेंद्र ने कहा कि जब पंच की समस्या विभाग नहीं सुन रहा तो दूसरे का कौन सुनेगा। नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार महिला के लिए वार्ड आरक्षित होने पर पत्नी नरेंद्र पंच बनीं हैं। नरेंद्र कौर ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई योजनाएं कागजों तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की गोलबारी से ज्यादा डर यह है कि अब जो थोड़ा बहुत कच्ची छत बची है, परिवार कब उसके नीचे दब जाए।
खंड विकास पदाधिकारी का फोन बंद होने के कारण उनसे इस संबंध में बात तो नहीं हो सकी, अलबत्ता ग्रामसेवक ने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे इन परिवारों का नाम नहीं होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल सका। अब इन दोनों परिवारों के नाम सोशल इकनामी सूची में रखे गए हैं। स्वीकृति मिलने पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा।