सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों की संख्या का आंकलन खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट और जमीन पर काम कर रहे बलों पर आधारित है। कहा जा रहा है कि ये आतंकवादी, पाकिस्तान की सेना के विशेष सेवा समूह के पूर्व सदस्य हैं और लगभग तीन वर्षों से राजौरी, पुंछ और कठुआ सेक्टरों में आतंकवाद को फिर से सक्रिय करने की फिराक में हैं। हाल ही में रियासी और कठुआ में हुए हमलों में भी इन्हीं का हाथ था।
सूत्रों ने कहा कि हाल ही में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में इन आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में दूसरे स्तर के आतंकवाद विरोधी ग्रिड को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा और उसके आस-पास के क्षेत्र की खुफिया जानकारी जुटा रही हैं। सेना ने पिछले कुछ महीनों में अतिरिक्त जवानों को भी यहां भेजा है, जो 200 बख्तरबंद वाहनों के साथ काम कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों को क्षेत्र में आतंकवाद और उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ काम करने की पूरी छूट दी गई है। ऐसे में कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में आखिरी सांस ले रहा आतंकवाद : सिन्हा
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद आखिरी सांस ले रहा है। हालिया आतंकी कृत्य दुश्मन की हताशा का संकेत हैं। रियासी जिले के तलवाड़ा में सहायक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 860 पुलिस रिक्रूट की पासिंग आउट परेड में कहा कि हमें आतंकवादियों और उनके सहयोगियों का पता लगाना चाहिए। पुलिस ने आतंक के निर्यातक पड़ोसी को हताश करके रख दिया है।
उप राज्यपाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की धरती से आतंकवाद का पूर्ण सफाया है। पुलिस ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमेशा उच्च स्तर की पेशेवर उत्कृष्टता दिखाई है। कई दशकों से पुलिस बल देश की अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए समर्पण के साथ काम कर रहा है और जम्मू-कश्मीर की प्रगति के पहियों को आगे बढ़ा रहा है। रियासी में सहायक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र प्रतिष्ठित संस्थान है जो आतंकवाद और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए रंगरूटों के बीच प्रशिक्षण और पुलिसिंग मूल्यों और पेशेवर कौशल प्रदान करने के लिए समर्पित है।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सेवा और त्याग जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) के डीएनए में है, जिसे जवानों और अधिकारियों ने बलिदान देकर जीवित रखा है। पुलिस के जवान मौजूदा समय में साइबर क्राइम, सोशल साइट से लड़ाई में उतरकर इस चुनौती से निपट रहे हैं।
देश की अखंडता के लिए पुलिस कर्मियों का दायित्व ज्यादा
एलजी ने कहा कि देश की अखंडता के लिए जवानों का दायित्व ज्यादा है। सभी रिक्रूट जानमाल की हिफाजत और राष्ट्र सेवा करने का संकल्प लें। आतंकवाद सहित कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जवानों की है। देश विरोधी तत्वों और असामाजिक तत्वों से भी लड़ना होगा, ताकि आपसी भाईचारा, धार्मिक सौहार्द और अखंडता बनी रहे। हमारे जवान सभी प्रकार की परिस्थितियों में काम करने के लिए सक्षम हैं। देश में जम्मू-कश्मीर पुलिस बेहतरीन पुलिस में से एक है। प्रदेश के लोग बिना किसी खौफ के रहें, ये प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता है।
डीजीपी बोले- हर चुनौती के लिए रहें तैयार
कार्यक्रम में डीजीपी आरआर स्वैन ने भी सभी जवानों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जवानों को सिर्फ सीमा क्षेत्र की सुरक्षा ही नहीं बल्कि उन्हें हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।