आतंकवाद के खिलाफ व अन्य हिंसक घटनाओं में जम्मू-कश्मीर में पिछले एक वर्ष में 40 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। इनमें से 13 जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान हैं। यह बात पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने जेवन में पुलिस स्मरण दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने शहीदों की शहादत को सलाम करते हुए कहा कि आज का दिन हमारे लिए गर्व का दिन है।
डीजीपी ने कहा कि शहीदों में अनंतनाग के पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद अशरफ भी शामिल हैं। जो आतंकियों से मुकाबले में शहीद हुए। उन्होंने कहा कि शहीद इंस्पेक्टर की बच्ची रोते हुए उनसे बोली कि वो उनके पिता की तरह बहादुर बनना चाहती और उनकी ही तरह आतंक के खिलाफ लड़ना चाहती हैं। उन्होने कहा इस जज्बे को सलाम किया।
उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर 1959 में लद्दाख में चीन के हमलावरों के साथ लोहा लेते हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों ने अपनी जान न्यौछावर की थी। तब से इस दिन को शहीदों के लिए सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है।