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थ्रीजी के नाम पर चूना लगा रहा BSNL

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बीएसएनएल उपभोक्ताओं को थ्रीजी सेवा के नाम पर चूना लगाया जा रहा है। राज्य में सबसे पहले थ्रीजी की सेवा प्रदान करने वाला बीएसएनएल टूजी की स्पीड भी नहीं दे पा रहा है। यहां तक कि मोबाइल पर हाई डेफिनेशन का साइन बनने के बाद भी वह कनेक्टिविटी नहीं मिलती है।
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बीएसएनएल ने अपने उपभोक्ताओं को थ्रीजी सेवा के कई प्लान दिए हैं। 500 एमबी से लेकर अनलिमिटेड डाटा इस्तेमाल के प्लान दे रखे हैं, लेकिन प्लान के तहत मिलने वाले डाटा का पूरा इस्तेमाल ही नहीं हो पाता।

उपभोक्ता सुनील कुमार का कहना है कि हर महीने 224 रुपये प्लान के तहत कट जाते हैं। इसमें उनको दो जीबी डाटा मिलता है, लेकिन यह इस्तेमाल ही नहीं हो पाता क्योंकि मोबाइल थ्रीजी सिगनल पकड़ता ही नहीं।
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बिक्रम चौक में बीएसएनएल का थ्रीजी टावर लगा है। गांधीनगर में भी टावर है। यहां इन टावर के नीचे खड़े होकर भी थ्रीजी का सिगनल नहीं मिलता। उपभोक्ता नरेश चौधरी का कहना है कि मोबाइल पर हाईडेफिनेशन का साइन होने के बाद भी कनेक्टिविटी नहीं मिलती। हर महीने जेब से पैसे खर्च हो जाते हैं।
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सबसे पहले, सबसे लचर

रियासत में मोबाइल सेवा सबसे पहले बीएसएनएल ने मुहैया कराई, लेकिन मौजूदा समय में पांच निजी कंपनियों की मोबाइल सेवा में बीएसएनएल सबसे पीछे है। शहर के ग्रीन बेल्ट, त्रिकुटा नगर, नानक नगर जैसे पाश इलाकों में भी बीएसएनएल की सेवा सबसे लचर है।

यहां काल करने पर बात सही से नहीं होती। एक बार बात करने के लिए कई बार काल करनी पड़ती है।  बीएसएनएल के जम्मू-कश्मीर सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक आरएन सुधाकर को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि बीएसएनएल की सेवा सबसे लचर है।

जब उनसे पूछा गया तो सर्विस को सुधारने की जगह सिर्फ यहीं पूछते रहे कि कौन सी लोकेशन है, जहां पर बीएसएनएल का थ्रीजी काम नहीं कर रहा है। कुछ जगहों के नाम बताने पर उन्होंने कहा कि सेवा को दुरुस्त किया जाएगा।
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