बाढ़ के बाद शहर में एसएमसी ने 38 हजार मीट्रिक टन कूड़े का सफाया किया है। बाढ़ के बाद शहर में चारों तरफ कूड़ा-करकट, मलबा और जानवरों के शव बिखरे हुए थे। जिसे साफ करना सबसे बड़ी चुनौती थी। बाढ़ का पानी कम होते ही श्रीनगर म्यूनिसिपल कारपोरेशन ने इस कार्य को अंजाम देने की शुरूआत की।
कारपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। वर्ष 2013 की तुलना में 30 हजार मीट्रिक टन का अधिक लोड वर्क पड़ा है।
कारपोरेशन के कमिश्नर जीएन कस्बा के अनुसार, 11 सितंबर से लेकर आज तक कारपोरेशन के कर्मचारियों द्वारा 38 हजार मीट्रिक टन कूड़ा-करकट और मलबा सड़कों और गलियों से हटाकर डंपिंग साइट तक पहुंचाया गया।
1666 जानवरों के शव शहर से बाहर फेंके
कस्बा के अनुसार, यह कूड़ा-करकट आठ हजार ट्रकों के जरिए हटाया गया। इसके अलावा करीब 1666 जानवरों के शव भी शहर से बाहर फेंके गए, जो बाढ़ के कारण मारे गए थे।
कमिश्नर ने कहा कि यह अब तक का ऐतिहासिक सफाई अभियान रहा है, क्योंकि बाढ़ के कारण कई तरह की संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका हो गई थी, जिसे समय रहते दूर कर लिया गया।
अमर उजाला को जानकारी देते हुए कमिश्नर ने यह भी कहा कि विभाग द्वारा पूरे शहर में 51 हजार लीटर दवाइयों का छिड़काव किया गया है, जिससे संक्रामक रोग न फैले।
9 हजार किलोग्राम दवाइयों का छिड़काव
इसके अलावा विभाग ने जगह-जगह उठ रहे बदबू को दूर करने के लिए करीब 9 हजार किलोग्राम दवाइयों का भी छिड़काव किया है।
कमिश्नर ने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि वह भयमुक्त होकर अपना जीवन जीएं, कारपोरेशन साफ-सफाई का पूरा ध्यान रख रहा है। कर्मचारी साफ-सफाई में दिन-रात लगे हुए हैं।