शीतकालीन राजधानी जम्मू में पीएचई विभाग के फिल्ट्रेशन प्लांटों को मरम्मत की दरकार है। विभागीय अधिकारियों की माने तो बाढ़ के दौरान जिन प्लांटों को नुकसान पहुंचा था वहां पर स्थायी मरम्मत के लिए 37.50 करोड़ रुपये की जरूरत है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले साल सितंबर में तवी में आई बाढ़ से पीएचई विभाग के सितली फिल्ट्रेशन प्लांट के अलावा बोरिया और धोंथली फिल्ट्रेशन प्लांटों को नुकसान पहुंचा था। उस दौरान कई दिनों तक पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित हुई थी।
सर्दी के मौसम में अस्थायी मरम्मत के सहारे विभाग ने किसी तरह से कामचलाऊ तरीके से पेयजल आपूर्ति का काम किया। गर्मी में पेयजल आपूर्ति की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पीएचई विभाग को प्लांटों की स्थायी मरम्मत की जरूरत है।
इसके लिए विभाग की ओर से विभाग के आयुक्त सचिव को 37.50 करोड़ की जरूरत पर आधारित रिपोर्ट भी पेश की जा चुकी है। पीएचई विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि विभाग को प्लांटों की मरम्मत के लिए 37.50 करोड़ की जरूरत है और इस संबंध में सरकार को भी अवगत करवाया जा चुका है।