जम्मू मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी गांवों रावता, बगानी और गरोशीन गांवों में डायरिया के प्रकोप के चलते सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अलावा पीएचई विभाग की टीमों ने भी गांवों में डेरा डाल लिया। सोमवार को भी प्रभावित गांवों में करीब 350 लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत के चलते उनका उपचार किया गया।
बहरहाल अभी तक किसी भी मरीज को जम्मू में रैफर नहीं किया गया है। वहीं पीएचई विभाग ने गांवों में मौजूद जल स्रोतों से पेयजल की सप्लाई बंद कर टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई करना शुरू किया है। पानी के सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। कोट भलवाल की ब्लाक मेडिकल अफसर डा. सुषमा मट्टू का कहना है कि प्रभावित गांवों में स्थिति नियंत्रण में है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में ही करीब 350 लोगों का उपचार किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंटीबायोटिक दवाइयां बांटने के साथ जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। तीन एंबुलेंस के साथ एक चिकित्सा टीम को गांव में तैनात कर दिया गया है। कोट भलवाल पीएचसी हेडक्वार्टर को भी अलर्ट पर रखा गया है। मरीजों की सेहत में सुधार आ रहा है।
पीएचई विभाग के हाइड्रालिक विंग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजीव मल्होत्रा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि डायरिया फैलने की सूचना के बाद सोमवार को उन्होंने पीएचई विभाग की टीम के साथ गांवों का दौरा का पानी के सैंपल लिए हैं।
इसके अलावा गांवों में मौजूद जल स्रोतों खासतौर से कुएं के पानी को पीने के लिए बंद करवा दिया है और चार वाटर टैंकर पानी की सप्लाई के लिए लगाए हैं। प्रयोगशाला में पानी की जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।