रियासत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से राज्य को 34090.90 टन सब्सिडी वाले राशन का कोटा आवंटित हो गया है। शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव बीआर शर्मा ने यह जानकारी राज्यपाल एनएन वोहरा को दी।
राजभवन प्रवक्ता के अनुसार राज्यपाल जल्द ही राशन वितरण के कार्य की विधिवत शुरुआत करेंगे। राज्यपाल ने अधिनियम को रियासत में लागू करने की तैयारियों की राजभवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने बताया कि अंत्योदय (एएवाई वर्ग) और प्राथमिकता वर्ग (पीएचएच वर्ग) में मिले सब्सिडी वाले राशन में 24017.07 टन चावल और 10073.87 टन आटा शामिल हैं।
चावल तीन रुपये किलो और आटा दो रुपये किलो के हिसाब से लाभार्थियों को दिया जाएगा। इसके अलावा 28499.15 टन राशन जनसंख्या की जरूरतों के हिसाब से दिया गया है।
राशन का आवंटन होने से फरवरी से ही अधिनियम लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य सचिव ने राज्यपाल को बताया गया कि एएवाई और प्राथमिकता वर्ग के 74 लाख लाभार्थियों में से विभाग ने 69.89 लाख लाभार्थियों के 19 जिलों का डाटा अब तक अपलोड कर दिया है।
राज्यपाल ने शेष तीन जिलों श्रीनगर, लेह और कारगिल जिलों में भी युद्ध स्तर पर डाटा अपलोड करने और साथ ही सीएपीडी विभाग को अधिनियम के प्रति जन जागरूकता लाने के के निर्देश जारी किए।
उन्होंने मुख्य सचिव को ई राशन टिकट वितरण के लिए शेड्यूल तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव पीके त्रिपाठी, उपभोक्ता एवं जन वितरण विभाग के सचिव सौरभ भगत भी मौजूद रहे।