घाटी में दिसंबर माह में हुए आतंकी घटनाओं में 33 की मौत हो चुकी है। इस दौरान सेना ने आतंकियों की हर कोशिश को नाकाम किया। कश्मीर में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हाई अलर्ट घोषित किया गया था। जिसके चलते किसी भी घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए थे।
भले ही घाटी में चुनावी प्रक्रिया शांति से गुजरी हो, लेकिन इस दौरान दिसंबर महीने में हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केवल दिसंबर माह में ही 33 मौतें हुई हैं। जिनमें 15 आतंकी, नौ सेना के जवान, तीन पुलिस और एक सीआरपीएफ का जवान एवं पांच आम नागरिक शामिल हैं।
इस चुनावी प्रक्रिया के दौरान आतंकियों ने दो राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर भी जानलेवा हमले भी किए, जिसमें वह नाकाम रहे। दिसंबर महीने में पहला हमला महीने के पहले दिन ही हुआ, जिसमें आतंकियों ने दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के सोगुन में गांव के सरपंच और पीडीपी समर्थक शीराज अहमद पर हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ।
आतंकी हमलों का सिलसिले बार ब्यौरा
इसके अगले ही दिन उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में आतंकियों और सेना के बीच हुई मुठभेड़ में छह आतंकी मारे गए और सेना का एक जेसीओ शहीद हो गया, जबकि सेना के तीन जवान घायल हो गए।
इसके अगले दिन तीन दिसंबर को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के पोहु इलाके में आतंकियों द्वारा किए हमले में सीआरपीएफ का एक सब-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह शहीद हो गया।
इस महीने की पांच दिसंबर को विभिन्न जगहों पर आतंकियों द्वारा खून की होली खेली गई। पहला हमला उत्तरी कश्मीर के उड़ी के माहोर सेना कैंप में हुआ, जिसमें सेना के आठ जवान, तीन पुलिस जवान और एक लेफ्टिनेंट कर्नल शहीद हुआ, जबकि इस हमले में छह आतंकी भी ढेर किए गए।
वहीं दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकियों ने निर्दलीय उम्मीदवार के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें तीन स्थानीय नागरिक मारे गए। उसी दिन श्रीनगर के सोवरा इलाके में आतंकियों के साथ चली मुठभेड़ में लश्कर के दो टॉप कमांडर ढेर किए गए।
इस साल का पूरा ब्यौरा
वहीं इस महीने की आठ दिसंबर को आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर के हायगाम सोपोर के रहने वाले सरपंच बेदार साब को पहले घर से अगवा किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
18 दिसंबर को सेना के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया था। जबकि 20 दिसंबर को आतंकियों ने 65 वर्ष के ग़ुलाम अहमद भट को सोपोर के बोमई में नजदीक से गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में हुई आतंकी घटनाओं में अब तक 220 जानें गई हैं, जिनमें 105 आतंकी, 52 आम नागरिक, 39 सेना के जवान, 17 पुलिस जवान, चार सीमा सुरक्षा बल के जवान और दो सीआरपीएफ के जवान शामिल हैं।