जम्मू-कश्मीर में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए अभी तक 32 फीसदी लोगों को टीका नहीं लग पाया है। अब घर-घर दस्तक के साथ अभियान को तेज किया गया है। अब तक 18 से अधिक आयु वर्ग में अनुमानित आबादी 93 लाख 28 हजार पर 68 फीसदी लाभार्थियों का टीकाकरण कर लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए अभी तक 32 फीसदी लोगों को टीका नहीं लग पाया है। अब घर-घर दस्तक के साथ अभियान को तेज किया गया है। अब तक 18 से अधिक आयु वर्ग में अनुमानित आबादी 93 लाख 28 हजार पर 68 फीसदी लाभार्थियों का टीकाकरण कर लिया गया है। इसमें करीब 63 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ है। शेष 32 फीसदी आबादी को जनवरी 2022 के शुरू में सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
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कोविड टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए घर-घर दस्तक शुरू किया गया है। इसमें घरों में पहुंचकर बचे हुए लोगों की शिनाख्त कर उनका टीकाकरण करवाया जा रहा है। इसके अलावा अनुमानित आबादी की सूची में शामिल लोगों को दूसरी खुराक के लिए टेलीफोन और एसएमएस के माध्यम से संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में अब तक फ्रंट लाइन वर्कर, हेल्थ केयर वर्कर्स और 18 से अधिक आयु वर्ग में 15873618 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
परिवार कल्याण विभाग जम्मू-कश्मीर के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान का कहना है कि टीकाकरण के सौ फीसदी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। इसमें जिन लोगों की दूसरी खुराक लंबित है वे शीघ्र निकटतम टीकाकरण केंद्रों पर जाकर टीकाकरण करवाएं।
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दो खुराक लेने पर भी हो रही मौतें
जीएमसी जम्मू में गत दिनों हुई कोविड मौतों के मामलों में अधिकांश मरीजों ने कोविड टीकाकरण की दोनों खुराक ली थीं। वर्तमान में जीएमसी में 6 कोविड संक्रमित मरीज भर्ती है और इनमें अधिकांश 40 से ऊपर की आयु वाले हैं। कोविड से हो रही मौतों में देखा गया है कि मृतकों को अन्य शारीरिक समस्याएं भी थीं, जिससे संक्रमण ने उन पर अधिक हमला किया।