अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़ सेक्टर में घुसपैठ कर आए आतंकी भीषण विस्फोट का सामान साथ लेकर आए थे। घुसपैठ के दौरान आतंकियाें को पाकिस्तान ने लगातार कवर फायर दिया। इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई से बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया गया।
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- फोटो : PTI
बीएसएफ के एडिशनल डीजी अरुण कुमार ने यह दावा किया। फ्रंटियर मुख्यालय में पत्रकाराें से मुखातिब एडीजी ने कोई भी सवाल लेने से परहेज करते हुए बताया कि सोमवार की रात 11.30 बजे बीएसएफ के सतर्क जवानों ने रामगढ़ सेक्टर के जनरल एरिया में तीन आतंकियों की मूवमेंट देखी। बीएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम ने फौरन इलाके की घेराबंदी कर ली।
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- फोटो : Amar Ujala
घेरा कड़ा होने पर आतंकियों ने आटोमेटिक हथियारों से फायरिंग और ग्रेनेड फेंकने शुरू कर दिए। आगे बढ़ने में नाकाम होने पर आतंकी ट्यूबवेल हट में छिप गए। इस दौरान पाकिस्तान ने रात भर आतंकियाें को कवर फायर दिया जिसके चलते आतंकी भी रुक रुक कर फायरिंग करते रहे।
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- फोटो : Amar Ujala
रात भर के इंतजार के बाद सुबह होने पर बीएसएफ ने सटीक जवाबी कार्रवाई करते हुए तीनाें आतंकियों को ढेर कर दिया। आतंकियाें के सफाए के लिए छेड़े गए अभियान के दौरान पहले कांस्टेबल श्यामल अहिरवार घायल हो गए। बाद में डीआईजी बीएस कसाना, जेके पुलिस की आईआरपी बटालियन के इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह और बीएसएफ के कांस्टेबल वैभव जख्मी हो गए। एडीजी के अनुसार सभी घायलों को एमएच 66 बेस अस्पताल में शिफ्ट किया गया जो खतरे से बाहर हैं।
आतंकियों के कब्जे से 3 एके 47 रायफल, 18 मैगजीन, 31 ग्रेनेड, 10 आईईडी (पांच लिक्विड और पांच चेन आईईडी), 2 मोटरोला सेट, एक जीपीएस, 3 बैग, 5 ड्राई फ्रूट के पैकेट सहित अन्य सामान बरामद किए गए। एडीजी ने कहा कि यदि आतंकियाें को मौके पर ही ढेर नहीं किया जाता तो वे बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। 3.40 मिनट की ब्रीफिंग के तुरंत बाद एडीजी चले गए।