शहर के बाहरी इलाके मुजगुंड में 18 घंटे चली मुठभेड़ में रविवार को तीसरा आतंकी भी मार गिराया गया। तीनों लश्कर के थे। मुठभेड़ खत्म होने के बाद आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क उठी। युवा सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा बलों पर पथराव किया। स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसा की आशंका में शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई हैं।
पुलिस के अनुसार, मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तानी तथा दो स्थानीय थे। इनकी शिनाख्त पाकिस्तान के अली और बांदीपोरा हाजिन के मुदासिर रशीद पररे व साकिब बिलाल शेख के रूप में हुई है। अली कई आतंकी हमलों व सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले में शामिल रहा है। वह हाजिन व सुंबल में युवाओं की भर्ती कर रहा था। मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोला बारूद भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान क्रास फायरिंग में एक जवान और तीन नागरिक घायल हो गए थे। इनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ऑपरेशन पांच राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ की क्यूएटी तथा पुलिस की एसओजी की ओर से किया गया। आतंकी मौके से भाग न निकलें, इसके लिए फ्लड लाइट लगाया गया। पूरे इलाके को घेरकर रखा गया है। मुठभेड़ शुरू होते ही इलाके में हिंसा भड़क उठी। आस-पास के इलाके के लोगों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया। इन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। इससे काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।