पीडीपी प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि रियासत में लोकप्रिय सरकार के गठन तक राज्य के संवैधानिक दर्जे से किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं किया जाना चाहिए। राज्यपाल के हाल के कई फैसले राज्य के हितों के विपरीत हैं। इनके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा काम करता नजर आता है। वह राज्यपाल सत्यपाल मलिक का सम्मान करती हैं, लेकिन वह लोकतांत्रिक परंपराओं का अतिक्रमण क्यों कर रहे हैं?
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जेके बैंक के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) जैसा बर्ताव करने का फैसला, स्टेट सब्जेक्ट के नियमों की प्रक्रिया में बदलाव करने, रोशनी एक्ट को रद्द करने तथा किशोर न्याय अधिनियम में बदलाव करने की खबरों के पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा नजर आता है। राज्यपाल क्यों लोकतांत्रिक मूल्यों का अतिक्रमण कर रहे हैं, जब इन मुद्दों को लेकर कोई आपात स्थिति नहीं उत्पन्न हुई है। चुनाव के बाद नई सरकार के गठन पर यह सब किया जा सकता है।
आशंका जताई कि शायद यह किसी का छिपा हुआ एजेंडा हो सकता है, लेकिन आशा है कि राज्यपाल इसका हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से राज्यपाल की टीम उन्हें सही सलाह नहीं दे रही अन्यथा वह ऐसा कोई फैसला नहीं करते जिसे बाद में रद्द करना पड़े। इस तरह का फैसला एक लोकप्रिय सरकार के लिए छोड़ देना चाहिए।