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जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड की तीन घटनाएं: भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

Mon, 21 Apr 2025 01:41 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में हालिया भूस्खलन, बाढ़ और एवलांच की तीन बड़ी घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई, हाईवे बंद हुए और लोग जान बचाने को मजबूर हो गए।
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जम्मू-कश्मीर के रामबन जिला - फोटो : PTI
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विस्तार
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1 मई, 2024

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कुपवाड़ा में लैंडस्लाइड-बाढ़ से 5 लोगों की मौतजम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 1 मई, 2024 को लैंडस्लाइड और बाढ़ से 5 लोगों की मौत हो गई। जम्मू क्षेत्र के डोडा, रियासी, किश्तवाड़, रामबन और कश्मीर के किश्तवाड़ सहित कई पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन हुआ। रामबन जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद श्रीनगर-जम्मू बंद कर दिया गया।

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30 अप्रैल, 2024: रामबन में लैंडस्लाइड से एक की मौत
जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग के सरबल इलाके में एवलांच आया। माछिल में भारी बर्फबारी के चलते 12 से 15 इंच मोटी परत जम गई है। रामबन के करूल इलाके में 13 साल के एक लड़के की लैंडस्लाइड से मौत हो गई। वहीं, रामबन में लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया। 

2 मार्च 2024
जम्मू में लैंडस्लाइड, महिला और 3 बच्चों की मौतजम्मू के रियासी में एक कच्चा मकान लैंडस्लाइड के कारण ढह गया। इसमें एक महिला और उसके 3 बच्चों की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन बंद रहा। रामबन जिले के ढालवास इलाके में लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया। मुगल रोड पर को एवलांच हुआ। यहां फंसे 7 ट्रैकरों का मैकेनिकल विभाग ने रेस्क्यू किया गया।
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आंखों देखी -एक चश्मदीद ने बताया- जम्मू से श्रीनगर जाने के दौरान बारिश तेज हो गई तो मैंने रामबन मैं रुक गया। रात करीब 10 बजे मैंने होटल में चेकइन किया। रात करीब 3 बजे शोर-शराबे के बीच मेरी नींद खुली। मैं होटल से नीचे आया तो देखा पानी तेजी से ऊपर की ओर भर रहा था।

नीचे का स्टाफ होटल छोड़कर भाग चुका था और हम सारे लोग फंस गए थे। चश्मदीद ने होटल की ओर इशारा करते हुए बताया कि यह होटल तीन मंजिला है। इसकी दो मंजिलें नीचे मलबे में दबी हुई हैं। यह तीसरी मंजिल दिख रही है। करीब 8-10 गाड़ियां नीचे दब गई हैं। मैंने 15 दिन पहले ही नई गाड़ी ली थी, वह भी मलबे में दबी है। उस समय हम 15 लोग ऊपर फंसे थे। होटल का कुछ स्टाफ जो ऊपरी फ्लोर पर था, वह भी फंस गया था। सामने का रास्ता बंद हो गया था। किसी तरह हम सभी ने होटल के पीछे से निकलकर अपनी जान बचाई।

यह खबर भी पड़ें: रामबन पर टूटा कुदरत का कहर: हर चीख में छिपा है एक घर उजड़ने का दर्द; लोग बोले- ये तूफान नहीं प्रलय था

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