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गिलानी को छोड़ बाकी अलगाववादियों से हटा पहरा

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पाकिस्तान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक से पहले वीरवार को श्रीनगर में अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। हालांकि चंद घंटों बाद ही हुर्रियत कांफ्रेंस प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी को छोड़कर अन्य को रिहा कर दिया गया।
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वीरवार सुबह हुर्रियत कांफ्रेंस प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी, नरमपंथी हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक, मौलाना मोहम्मद अब्बास अंसारी, मोहम्मद अशरफ सहराई, शब्बीर अहमद शाह और अयाज अकबर को पुलिस ने नजरबंद किया था।

गिलानी को हैदरपोरा स्थित उनके निवास पर नजरबंद रखा गया है। जेकेएलएफ चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक को उनके मायसूमा निवास से हिरासत में लिया गया और कोठीबाग थाने में रखा गया। मीरवाइज को उनके निगीन और अब्बास अंसारी को नवाकदल स्थित उनके निवास पर नजबंद किया गया।
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अलगाववादी नेताओं को बुलाना भारत को पसंद नहीं

अलगाववादी नेताओं को नजरबंद किए जाने और फिर रिहा करने के मामले में पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान को यह संदेश दिया गया है कि दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक से पहले अलगाववादी नेताओं को बुलाना भारत को पसंद नहीं है।

हुर्रियत प्रवक्ता का कहना है कि नेताओं को उनके निवास पर नजरबंद करना और दो घंटे के बाद रिहा कर देने का मकसद समझ नहीं आ रहा। हम यही कह सकते हैं कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस ने कुछ अन्य अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी के लिए तड़के उनके निवास पर छापे मारे।

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने गिलानी को पाक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज के साथ बैठक के लिए 24 अगस्त को नई दिल्ली बुलाया है, जो देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिलने आ रहे हैं।
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