जम्मू-कश्मीर में अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति होगी। इसके लिए सरकार 200 मेगावाट सौर ऊर्जा अगले 25 साल तक खरीदेगी। भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) से बिजली की खरीद होगी। इस पर सालाना 110.37 करोड़ रुपये खर्च होगा। यह फैसला उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में किया गया।
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बैठक में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) के माध्यम से 200 मेगावाट सौर ऊर्जा की खरीद को मंजूरी दी। सौर ऊर्जा की खरीद की अनुमानित लागत अगले 25 वर्षों के लिए 2.52 रुपये प्रति किलोवाट होगी।
अब तक जम्मू-कश्मीर को दी जाने वाली दरों में यह सबसे कम बिजली दर है। इसी के तहत बिजली कारपोरेशन को भी एक करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है। अतिरिक्त बिजली खरीद से जेकेपीसीएल को भारत सरकार के बिजली मंत्रालय द्वारा निर्धारित आरपीओ से आंशिक रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी।
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यह निर्णय कार्बन फुटप्रिंट में कमी और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय प्रयास के अनुरूप सौर ऊर्जा के उत्पादन में उपयोगी होगा।
प्रदेश में गर्मी में होती है बिजली कटौती
प्रदेश में गर्मी में बिजली कटौती होती हैं। बिजली की पीक डिमांड 2200 मेगावाट के करीब रहती है, जबकि जरूरत 2600 मेगावाट होती है। ऐसे में बिजली कट सहन करने पड़ते हैं। अतिरिक्त बिजली खरीद से बिजली की कमी प्रदेश में पूरी हो सकेगी।